
भुवनेश्वर, 25 सितंबर . Odisha में विपक्ष के नेता और बीजू जनता दल (बीजेडी) के अध्यक्ष नवीन Patnaयक ने Friday को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. यह मांग चुनाव आयोग (ईसीआई) के भीतर मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर), नए मतदाता पंजीकरण और मतदाता आंकड़ों से संबंधित निर्णयों को लेकर मतभेदों की खबरों के बाद उठाई गई है.
Patnaयक ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “दोनों चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच गंभीर मतभेदों के कारण, सीईसी को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और पूरी एसआईआर प्रक्रिया की गहन समीक्षा की जानी चाहिए. बीजेडी शुरू से ही इस एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ रही है.”
इससे पहले Odisha कांग्रेस ने घोषणा की थी कि वह Friday को पावर हाउस स्क्वायर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय तक एक विशाल रैली का आयोजन करेगी, जिसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की जाएगी.
यह घोषणा हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट के बाद की गई, जिसमें दावा किया गया था कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने उनकी जानकारी के बिना चुनाव आयोग द्वारा लिए गए कई निर्णयों पर लिखित रूप से आपत्ति जताई थी.
Odisha प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) ने Thursday को यहां आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया और महाभियोग प्रक्रिया के माध्यम से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने के साथ-साथ त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची के एसआईआर को रद्द करने की मांग की.
कांग्रेस भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता अरबिंद दास ने आरोप लगाया कि Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से वोट चोरी के बारे में जो कहते आ रहे हैं, वह अब खोजी मीडिया रिपोर्टों से सच साबित हो गया है.
अरबिंद दास ने आरोप लगाया कि मोदी Government देश की चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए चुनाव आयोग को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, भाजपा Government के पक्ष में काम करते हुए पूरे देश में त्रुटिपूर्ण एसआईआर का संचालन कर रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो रही है.
उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार आयोग के विभिन्न निर्णयों पर आपत्ति जताई है, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए अपनी मनमर्जी से निर्णय लिए हैं.
दास ने कहा, “चुनाव आयोग के दो सदस्यों द्वारा इसके प्रमुख के खिलाफ इतनी गंभीर आपत्तियां उठाना यह दर्शाता है कि पूरी व्यवस्था भ्रष्ट हो चुकी है.”
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एएसएच/
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