चुनाव आयोग पर सवाल लोकतंत्र को कमजोर करने जैसा, एनडीए नेताओं ने इंडिया ब्लॉक पर साधा निशाना

New Delhi, 9 अक्टूबर . चुनाव आयोग का बचाव करते हुए 42 पूर्व जजों के खुले पत्र पर एनडीए नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है.

बिहार Government में मंत्री प्रमोद कुमार ने से बातचीत करते हुए कहा, “संवैधानिक पदों पर रहे जजों को कहीं से साजिश का पता लगा होगा, तभी 42 पूर्व जजों की ओर से खुला पत्र लिखा गया है. यह बहुत बड़ी बात है. इसका मतलब है कि इंडिया ब्लॉक विदेशी इशारे पर काम कर रहा है. राहुल गांधी जब विदेश जाते हैं तो किससे मिलते हैं, क्या कहते हैं? अभी तक देश के लोगों को जानकारी नहीं है. जिस तरह से मूवमेंट चल रहा है, इसमें देश विरोधी शक्तियों की बड़ी साजिश है.”

बिहार Government में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, “हम लोगों की ओर से कहा जाता रहा है कि संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह से अमर्यादित टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए. हम किसी का बचाव नहीं कर रहे, बल्कि संविधान में जो प्रावधान है, उसके हिसाब से हर नागरिक को किसी का विरोध करने का और पक्ष रखने का अधिकार है. जो लोग देश का बागडोर संभालने के लिए बेताब हैं, उनको मर्यादाओं का पालन करना चाहिए.”

भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा, “चुनाव आयोग को संविधान में शक्तियां दी गई हैं. पूर्व न्यायधीशों का भी वही मत है कि जो ज्ञानेश कुमार कर रहे हैं, वह बिल्कुल सही है. देश के बाहर के नागरिकों को वोट देने का कैसे अधिकार दिया जा सकता है? 2 करोड़ 80 लोग मृत मतदाताओं का नाम सूची से हटाया जा चुका है. ऐसे में चुनाव आयोग की ओर से नियम के अनुसार कार्य किया जा रहा है.”

भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “42 पूर्व जजों को और देश के 150 करोड़ लोगों को भी चिंता है कि आखिर इंडिया ब्लॉक के लोगों की ओर से संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. लोकतंत्र और संविधान को कमजोर किया जा रहा है. चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर सवाल खड़े करना सीधे तौर पर लोकतंत्र को कमजोर करने जैसा है. राहुल गांधी और उनके साथ सत्ता पाने के लिए ऐसे परेशान है कि सड़कों पर नौटंकी की जा रही है.”

भाजपा नेता गुरु प्रकाश ने कहा, “यह सुनियोजित ढंग से षड्यंत्र किया जा रहा है. देश तेजी से आगे बढ़ रहा है तो स्वाभिक है कि देश विरोधी ताकतें सक्रिय हो जाती हैं. दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश का विपक्ष और विशेष तौर पर राहुल गांधी की ओर से ऐसा व्यवहार किया जाएगा. उनके पास कोई तथ्य और तर्क नहीं है. जानबूझकर अराजकता का वातावरण बनाया जा रहा है.”

भाजपा नेता संतोष पांडेय ने कहा, “लोकतंत्र का मजबूती के लिए सज्जन शक्तियों को आना बहुत जरुरी है और पूरा राष्ट्र एक हो रहा है. ऐसे दुर्जनों और अराजकता फैलाने वाले लोगों को जनता जान चुकी है. क्या रोहिंग्या और बांग्लादेशी यहां मतदान करेंगे, जिनकी मृत्यु हो गई है उसके नाम पर वोट डाले जाएंगे? कोई नहीं कह सकता कि उसके साथ अन्याय हुआ है.”

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