
आजमगढ़, 7 अक्टूबर . Samajwadi Party (सपा) ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग तेज कर दी है. पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव ने इस मुद्दे पर आजमगढ़ से लेकर दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया, जिसे आम आदमी पार्टी (आप) ने भी 9 अक्टूबर को Lucknow में प्रदर्शन की घोषणा कर समर्थन दिया है.
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, “चुनाव आयोग पर पूरे देश का अविश्वास हो चुका है. चुनाव आयोग ने पहले आम लोगों को, फिर Political दलों को गुमराह किया. अब तो सर्वोच्च न्यायालय के नाम का दुरुपयोग करके वोट काट रहा है. मैं समझता हूं कि इससे बड़ा कोई देशद्रोह नहीं हो सकता है, जो चुनाव आयोग लोगों के वोट काटकर कर रहा है.”
उन्होंने कहा कि Samajwadi Party अपने नेता अखिलेश यादव के नेतृत्व में Tuesday को दिल्ली में संघर्ष में थी और अपने-अपने स्तर से जिलों में संघर्ष कर रही है. Wednesday को आजमगढ़ के सभी लोग, बुजुर्ग नेता इस संघर्ष के रास्ते पर निकल पड़े हैं.
सपा सांसद ने कहा कि हमारी मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बर्खास्त होने चाहिए. उन्होंने देश के अंदर पूरी तरह से वातावरण बिगाड़ दिया है, लोगों का विश्वास खत्म कर दिया है. फॉर्म-6 को बिना संसद में पास किए, उसमें संशोधन नहीं हो सकता था. उन्होंने अपने अधिकार न होने के बावजूद फॉर्म-6 बदला, दो साथी चुनाव आयुक्तों की बात पर भी विश्वास नहीं किया, जबकि उनका भी समान अधिकार था. इन्होंने जो एकतरफा फैसला लिया, इसकी वजह से आज पूरा देश चुनाव आयुक्त के खिलाफ मुखर है.
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि समय भी मांगा गया और समय दें या न दें, लेकिन जनता समय ले लेगी और मजबूर कर देगी कि चुनाव आयुक्त इस्तीफा दें. इसीलिए हम Tuesday को संसद के सामने थे, और आज आजमगढ़ में भी सड़कों पर हैं. सिर्फ आजमगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लोग आज सड़कों पर हैं.
Samajwadi Party के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि देश के लिए चुनाव आयोग की साख बहुत जरूरी है. चुनाव आयोग की साख बनी रहेगी, तभी लोगों का चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा रहेगा और तभी केंद्र व प्रदेश में चुनी हुई Governmentें सही मायने में जनमत का प्रतिनिधित्व कर पाएंगी. जनता का इन संस्थाओं पर विश्वास ही लोकतंत्र और संविधान का आधार है, और इसी पर हमला हो रहा है. यह हमला विपक्ष नहीं कर रहा है, बल्कि यह बात खुद चुनाव आयोग के दो सदस्यों द्वारा सामने आई है. अभी तक इस पर किसी सार्वजनिक मंच से कोई सफाई भी नहीं आई है.
उन्होंने कहा कि यह देश के लिए बेहद जरूरी है. अगर भारतीय जनता पार्टी का लोकतंत्र और संविधान में भरोसा है, तो उसे सबसे पहले इस पर संज्ञान लेना चाहिए था, क्योंकि तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति भाजपा ने ही की है.
आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने कहा कि अगर इस देश की चुनाव प्रणाली का ही गला घोंट दिया गया है, तो ज्ञानेश कुमार को जेल में डालना चाहिए. जहां-जहां चुनावों में गड़बड़ी की गई है, वहां के सभी चुनाव रद्द होने चाहिए. चाहे बंगाल हो, बिहार हो, दिल्ली हो, Maharashtra हो या Haryana हो, इन सभी राज्यों के चुनावों में गड़बड़ियां सामने आई हैं.
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एबीएम
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