
New Delhi, 28 अक्टूबर . ब्राजील के पूर्व President जायर बोल्सोनारो के बेटे और लिबरल पार्टी के President पद के उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो के Tuesday को अमेरिका रवाना होने की खबरों ने देश में Political विवाद तेज कर दिया है. बताया गया है कि वह अपने सामान्य और राजनयिक पासपोर्ट Supreme Court की निर्धारित समयसीमा के भीतर जमा करने में विफल रहे थे. इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के बीच उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए गए. हालांकि, उन्होंने किसी भी गलत काम से इनकार किया है.
फ्लावियो बोल्सोनारो को Sunday को हुए President चुनाव के दूसरे दौर में मौजूदा President लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के हाथों हार का सामना करना पड़ा. आधिकारिक मतगणना के अनुसार, लूला को 51.79 प्रतिशत वैध वोट मिले, जबकि बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत वोट हासिल हुए.
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, ब्राजील में 4 अक्टूबर को पहले दौर के मतदान के बाद Sunday को President चुनाव का दूसरा दौर हुआ था. पहले दौर में किसी भी उम्मीदवार को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. इस जीत के साथ लूला चौथी बार ब्राजील के President पद की जिम्मेदारी संभालेंगे. उनका शपथ ग्रहण 5 जनवरी 2027 को निर्धारित है और उनका कार्यकाल चार साल का होगा.
चुनाव परिणाम आने के बाद बोल्सोनारो ने राजधानी ब्रासीलिया में कहा कि परिणामों को स्वीकार करना ‘असंभव’ है. उन्होंने चुनाव रद्द करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मतदान के समय में दो घंटे की बढ़ोतरी से मतदाताओं के साथ असमान व्यवहार हुआ. परिवहन व्यवस्था में बाधा और भारी बारिश से प्रभावित मतदान केंद्रों पर समय बढ़ाया गया था.
बोल्सोनारो का दावा था कि कुछ क्षेत्रों में मतदान केंद्र दोबारा नहीं खुलने के कारण वहां के मतदाताओं को नुकसान हुआ. उन्होंने कहा कि उनकी कानूनी टीम चुनाव परिणामों को चुनौती देगी.
हालांकि, बोल्सोनारो की लिबरल पार्टी ने Monday को औपचारिक रूप से लूला की जीत स्वीकार कर ली. चुनाव में बोल्सोनारो का समर्थन करने वाली अन्य दक्षिणपंथी और मध्य-दक्षिणपंथी पार्टियों, जिनमें रिपब्लिकन्स, ब्राजीलियन डेमोक्रेटिक मूवमेंट और प्रोग्रेसिव्स शामिल हैं, ने भी लूला की जीत को मान्यता दी. इन दलों ने चुनाव रद्द करने या नए चुनाव कराने की मांग का समर्थन नहीं किया.
ब्राजील के मीडिया ने Monday को खबर दी थी कि सुप्रीम फेडरल कोर्ट के न्यायाधीश अलेक्जेंड्रे डी मोरेस ने बोल्सोनारो को अपने पासपोर्ट संघीय Police को सौंपने का आदेश दिया था. साथ ही, उनके देश छोड़ने पर भी रोक लगाई गई थी.
ब्राजील की सार्वजनिक समाचार एजेंसी एजेंसिया ब्राजील के अनुसार, यह आदेश बोल्सोनारो और वकील विलर तोमाज से जुड़े मामले की जांच के तहत दिया गया था. जांच में मनी लॉन्ड्रिंग के संदेह और खेल सट्टेबाजी उद्योग से जुड़ी कंपनियों के साथ वित्तीय संबंधों की पड़ताल की जा रही है.
इसके अतिरिक्त, बोल्सोनारो अपने पिता पर बन रही एक बायोपिक फिल्म के वित्तपोषण को लेकर भी जांच के दायरे में हैं. जांच एजेंसियां फिल्म के निर्माण के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत का पता लगा रही हैं.
बोल्सोनारो ने Monday को कहा था कि वह पासपोर्ट जमा करने के अनुरोध का पालन करेंगे. अपने पिता से मुलाकात के बाद उन्होंने देश छोड़कर भागने की योजना से भी इनकार किया था. उनके पिता जायर बोल्सोनारो 2022 के चुनाव में हार के बाद तख्तापलट की साजिश रचने के मामले में 27 साल और तीन महीने की सजा काट रहे हैं तथा घर में नजरबंद हैं. उनसे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच जारी है. हालांकि, फ्लावियो बोल्सोनारो Tuesday को समयसीमा समाप्त होने से पहले अपने दस्तावेज जमा नहीं कर सके. इसके बाद उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए गए. बाद में उनके अमेरिका रवाना होने की खबर सामने आई, लेकिन उनके यात्रा मार्ग की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी.
इसी बीच, अमेरिकी मीडिया ने Tuesday को विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिका बोल्सोनारो और उनके परिवार को प्रवेश की अनुमति देने के लिए वीजा जारी करेगा. इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए लूला ने अल्वोरादा पैलेस के बाहर एकत्र समर्थकों से कहा, “मुझे अफसोस है कि वह ब्राजील छोड़कर चले गए… उनका ब्राजील छोड़ने का फैसला शर्मनाक है.”
लूला ने अदालत के आदेश के बावजूद पासपोर्ट जमा नहीं करने को लेकर भी बोल्सोनारो की आलोचना की. उन्होंने कहा कि बोल्सोनारो को अपने ऊपर लगे आरोपों का सामना करने के लिए ब्राजील में ही रहना चाहिए था. लूला ने याद दिलाया कि 2018 में जब उन्हें अपना पासपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया था, तब उन्होंने ऐसा किया था और अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए ब्राजील में ही रहने का फैसला किया था. हालांकि, बोल्सोनारो के देश छोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ब्राजील के मीडिया के अनुसार, देश की आव्रजन नियंत्रण प्रणाली में ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है, जिससे पता चले कि उन्होंने नियमित सीमा जांच प्रक्रिया के जरिए ब्राजील छोड़ा. संघीय Police इस बात की जांच कर रही है कि वह देश से बाहर गए हैं या नहीं और यदि गए हैं तो किस रास्ते से.
अर्जेंटीना के आव्रजन विभाग ने कथित तौर पर Wednesday को बताया कि बोल्सोनारो और उनका परिवार Tuesday देर रात एक निजी विमान से इक्वाडोर के लिए रवाना हुआ था. हालांकि, इक्वाडोर के विदेश मंत्रालय ने इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. फिलहाल बोल्सोनारो और उनके परिवार की मौजूदा लोकेशन स्पष्ट नहीं है. इससे पहले Monday को अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के President चुनाव को ‘एक और धांधली वाला चुनाव’ जैसा बताया था. उन्होंने मतदान का समय बढ़ाए जाने के फैसले को भी ‘बहुत अजीब’ करार दिया था.
ब्राजील के उपPresident गेराल्डो अल्कमिन ने ट्रंप के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव में धांधली के दावे का समर्थन करने वाला कोई सबूत नहीं है. उन्होंने कहा, “सबसे पहले, किसी दूसरे देश की राजनीति में हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए. यह एक बुनियादी सिद्धांत है. ब्राजील इलेक्ट्रॉनिक मतदान और कानूनी सुरक्षा उपायों के मामले में वास्तव में दुनिया के लिए एक उदाहरण है. लोकतंत्र इसी तरह काम करता है. आप चुनाव जीतते हैं या हारते हैं और फैसला जनता करती है.”
इस बीच, ब्राजील के सुप्रीम फेडरल कोर्ट ने Tuesday को संघीय Police को देश की चुनावी प्रक्रिया में संभावित विदेशी हस्तक्षेप की जांच शुरू करने का आदेश दिया. न्यायाधीश फ्लावियो डिनो के आदेश में ऐसे संकेतों का उल्लेख किया गया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम में कथित तौर पर बदलाव कर रूढ़िवादी उम्मीदवार बोल्सोनारो को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई.
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डीएससी
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