
बीजिंग, 23 अगस्त . वर्तमान में चीन की कंप्यूटिंग क्षमता तेजी से बढ़ रही है. कंप्यूटिंग उपकरणों को अधिक ऊर्जा दक्ष बनाया जा रहा है, जबकि कंप्यूटिंग पावर के बुनियादी ढांचे को हरित बनाने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है. साथ ही, कंप्यूटिंग और बिजली के बीच बेहतर तालमेल बढ़ रहा है. इसके अलावा, कंप्यूटिंग नेटवर्क, वैश्विक स्तर पर कंप्यूटिंग क्षमता का विस्तार और कंप्यूटिंग पावर के नए व्यावसायिक मॉडल विकास के नए क्षेत्र बन रहे हैं.
यह जानकारी 22 अगस्त को चीन के भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश की राजधानी होहोट में आयोजित 2026 ग्रीन कंप्यूटिंग पावर सम्मेलन में सामने आई. सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में चीनी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी अकादमी के उपाध्यक्ष आओ ली ने “ग्रीन कंप्यूटिंग पावर के विकास पर शोध रिपोर्ट 2026” जारी की.
रिपोर्ट के अनुसार, कंप्यूटिंग उपकरणों को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने के मामले में चीन तेजी से आगे बढ़ रहा है. देश में कंप्यूटिंग उपकरणों की ऊर्जा दक्षता लगातार बेहतर हो रही है. जून 2026 के अंत तक चीन की बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्षमता 2185 ईएफएलओपीएस तक पहुंच गई थी. लिक्विड कूलिंग, हाई-स्पीड ऑप्टिकल इंटरकनेक्ट और नई स्टोरेज आर्किटेक्चर जैसी नई तकनीकें अब उच्च घनत्व वाले बुद्धिमान कंप्यूटिंग केंद्रों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण आधार बन गई हैं. इससे कंप्यूटिंग क्षमता के पैमाने, प्रदर्शन और ऊर्जा दक्षता में एक साथ सुधार को बढ़ावा मिल रहा है.
इसके साथ ही, चीन में कंप्यूटिंग पावर के बुनियादी ढांचे के विस्तार और उसके हरित रूपांतरण में भी लगातार प्रगति हो रही है. 2025 के अंत तक देशभर में संचालित मानक रैक की संख्या 1.373 करोड़ से अधिक हो गई थी.
वहीं, 10 हजार जीपीयू स्तर के 42 बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्लस्टर तैयार किए जा चुके थे. देश के आठ प्रमुख राष्ट्रीय हब नोड्स में मौजूद बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्षमता का हिस्सा कुल क्षमता का 80 प्रतिशत से अधिक है. वहीं, कंप्यूटिंग क्षेत्र में हरित और कम कार्बन विकास की दिशा में भी सकारात्मक प्रगति हुई है. देशभर में 160 से अधिक डेटा सेंटरों को 4ए स्तर या उससे ऊपर के हरित डेटा सेंटर का दर्जा दिया गया है.
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डीकेपी/
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