
बीजिंग, 12 सितंबर . New Delhi में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के President शी जिनपिंग की भागीदारी को वैश्विक दक्षिण के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
इस वर्ष ब्रिक्स सहयोग तंत्र की स्थापना के 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं. दो दशकों में ब्रिक्स का विस्तार हुआ है और उभरती अर्थव्यवस्थाओं तथा विकासशील देशों के बीच इसकी प्रतिनिधित्व क्षमता, प्रभाव और आकर्षण लगातार बढ़ा है.
India के न्यू साउथ एशिया फोरम के संस्थापक सुदींद्र कुलकर्णी का कहना है कि चीन ने ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने में सकारात्मक भूमिका निभाई है.
उनके मुताबिक, न्यू डेवलपमेंट बैंक की स्थापना को बढ़ावा देना, ‘ब्रिक्स प्लस’ सहयोग मॉडल को आगे बढ़ाना और नई औद्योगिक क्रांति में साझेदारी के लिए नवाचार आधार जैसी पहलों ने ब्रिक्स को बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप बनाए रखने में योगदान दिया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि President शी की आगामी भागीदारी से ब्रिक्स देशों के बीच एकजुटता, पारस्परिक सहयोग और वैश्विक दक्षिण की सामूहिक आवाज को और मजबूती मिल सकती है.
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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एबीएम/
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