
बीजिंग, 11 अक्टूबर . चीनी राज्य परिषद के सूचना कार्यालय के मार्गदर्शन में ‘2026 विश्व महापौर संवाद-लुओयांग’ कार्यक्रम Friday से Sunday तक मध्य चीन के हनान प्रांत के लुओयांग शहर में आयोजित हुआ. इस बार कार्यक्रम का विषय था, ‘प्राचीन राजधानी की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना और शहरी सभ्यताओं के बीच आपसी आदान-प्रदान को बढ़ावा देना.’
इसमें चीन, ब्रिटेन, इटली, अर्जेंटीना और अल्जीरिया समेत 10 से अधिक देशों के 90 से ज्यादा महापौरों, उनके प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों और विद्वानों ने हिस्सा लिया. इस दौरान सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, औद्योगिक विकास और उन्नयन तथा शहरी नवीनीकरण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.
इस कार्यक्रम में एक मुख्य संवाद और तीन विषयगत संवाद सत्र आयोजित किए गए. इसके अलावा, चीनी और विदेशी अतिथियों ने लुओयांग के कई विनिर्माण उद्योगों का दौरा किया. यहां उन्होंने करीब से चीन के स्मार्ट विनिर्माण की नई तकनीकों और नवाचारों को देखा तथा औद्योगिक विकास में चीन की प्रगति को समझा.
इस मौके पर इटली के सेस्तो सान जियोवानी शहर के महापौर रोबर्टो दी स्तेफानो ने कहा कि चीन की औद्योगिक श्रृंखला की ताकत प्रभावशाली है. उन्होंने विनिर्माण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने तथा औद्योगिक विकास की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता मजबूत करने की इच्छा भी जताई.
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने आधुनिक उत्पादन लाइनों से लेकर हजारों साल पुराने ऐतिहासिक स्थलों तक का दौरा किया. उन्होंने लुओयांग संग्रहालय, सुई-थांग कालीन लुओयांग नगर और लुओयी प्राचीन शहर में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जीवन से जुड़े प्रयासों को देखा. इसके साथ ही, लोंगमेन ग्रोटो की ऐतिहासिक गुफाओं और चट्टानों के सामने उन्होंने सांस्कृतिक धरोहरों की मरम्मत, डिजिटल संरक्षण और पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया.
अर्जेंटीना के टिग्रे पार्टीदो शहर के महापौर हूलियो ज़ामोरा ने कहा कि लुओयांग ने ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनके बेहतर उपयोग का भी रास्ता अपनाया है. शहर ने अपनी प्राचीन सभ्यता को आधुनिक शहरी विकास के साथ जोड़ने का अच्छा उदाहरण पेश किया है. उन्होंने इसे दूसरे शहरों के लिए भी अनुकरणीय अनुभव बताया.
गौरतलब है कि इस कार्यक्रम का आयोजन लुओयांग नगर Government और हनान प्रांतीय Government के सूचना कार्यालय ने किया. कार्यक्रम के दौरान “शहरी सभ्यता पर लुओयांग आम सहमति” जारी की गई. इसके अलावा, प्रचार और आपसी आदान-प्रदान से जुड़ी गतिविधियों के साथ अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर एक बैठक भी आयोजित हुई.
इस दौरान लुओयांग ने विभिन्न देशों के शहरों के साथ मैत्रीपूर्ण शहर संबंधों, औद्योगिक सहयोग और संस्कृति एवं पर्यटन के क्षेत्र में संपर्क बढ़ाने पर चर्चा की. इसका उद्देश्य संवाद के दौरान बनी सहमतियों को व्यावहारिक सहयोग में बदलना है.
(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
–
डीकेपी/
Skip to content