
अमरावती, 29 अक्टूबर . Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू ने Thursday को बताया कि चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश में सात लोगों की मौत हो गई और प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार 4,600 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.
प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण के बाद उन्होंने कहा कि चक्रवात से हुए नुकसान का अनुमान 4,600 करोड़ रुपए है, लेकिन विस्तृत आकलन के बाद यह आंकड़ा बढ़ सकता है.
Chief Minister ने बताया कि उन्होंने चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की, उन्हें स्थिति और Government द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी और केंद्र को नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट भी सौंपी.
उन्होंने घोषणा की कि चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीमें Friday को राज्य का दौरा करेंगी. चक्रवात Wednesday को तट से टकराया था.
Chief Minister ने बीआर अंबेडकर कोनसीमा जिले के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया, गचकयालापोरा गांव में राहत केंद्रों का निरीक्षण किया और चक्रवात पीड़ितों से बातचीत करके उनकी समस्याओं को जाना. बाद में, मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए, उन्होंने Government द्वारा किए जा रहे राहत और पुनर्निर्माण उपायों के बारे में विस्तार से बताया.
सीएम ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके वास्तविक स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि प्रत्येक क्षतिग्रस्त नारियल के पेड़ और प्रत्येक क्षतिग्रस्त ताड़ के पेड़ के लिए 1,500 रुपए का मुआवजा दिया जाएगा.
राहत शिविरों से लौटने वाले परिवारों को 25 किलो चावल, आवश्यक वस्तुओं का एक पैकेट और तत्काल खर्चों के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी.
Chief Minister नायडू ने कहा कि किसान पहले से ही फसल बीमा योजना के अंतर्गत आते हैं. चक्रवात के कारण फसल की पैदावार कम होने पर उन्हें मुआवजा मिलेगा. उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन करने के बाद कृषि और बागवानी फसलों के लिए मुआवजा जल्द से जल्द लाभार्थियों के खातों में जमा कर दिया जाएगा.
Chief Minister ने कहा कि आंध्र प्रदेश ने अतीत में कई चक्रवातों का सामना किया है. तीस साल पहले, 6 नवंबर को, एक भयंकर चक्रवात ने इस क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी. हुदहुद, तितली, मोंथा और अर्नब ने भी राज्य में नुकसान पहुंचाया है. लगभग 70 साल पहले, दिविसीमा चक्रवात ने हजारों लोगों की जान ले ली थी.
उन्होंने कहा, “पिछली आपदाओं से सबक लेते हुए हमने एहतियाती उपाय लागू किए और जानमाल के नुकसान को काफी हद तक कम किया. तमाम सावधानियों के बावजूद, दुर्भाग्य से सात लोगों की जान चली गई, जो बेहद दुखद है. सरकारी तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया था. जिला कलेक्टरों, Police अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया था.”
कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. सड़क संपर्क बहाल करने के लिए कल रात से ही गिरे हुए पेड़ों को हटाया जा रहा है.
Chief Minister ने आगे कहा, “हमने श्रीकाकुलम से कृष्णा जिले तक की स्थिति पर नजर रखी और रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (आरटीजीएस) के माध्यम से राहत कार्यों का समन्वय किया. हम लोगों को होने वाली असुविधा को कम करने और दूरसंचार सेवाओं को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं. अकेले कोनसीमा जिले में लगभग 8,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं. सभी क्षतिग्रस्त खंभों को बदला जाएगा और बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाएगी.”
नायडू ने कहा कि तेलंगाना Government से बहाली कार्य में सहायता के लिए 1,000 बिजली कर्मियों को भेजने का अनुरोध किया गया है. जरूरत पड़ने पर कर्नाटक और तमिलनाडु से भी टीमें भेजी जाएंगी. चक्रवात पीड़ितों से बात करते हुए Chief Minister ने कहा कि अधिकारियों ने लोगों को कम से कम असुविधा हो, यह सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात काम किया. लगभग 30,000 अधिकारियों को तैनात किया गया और जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए कई एहतियाती उपाय लागू किए गए.
–
एएसएच/एबीएम
Skip to content