
New Delhi, 29 अक्टूबर . Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब और Odisha में भारी बारिश व बाढ़ से हुई तबाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए Governmentों से राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने की अपील की.
राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी संदेश में कहा कि आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब से हुई तबाही और Odisha में भारी वर्षा एवं बाढ़ की स्थिति चिंताजनक है. उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की.
उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों, घरों, आजीविका और सुरक्षा की भावना को खोया है. राहुल गांधी ने संबंधित राज्य Governmentों से आग्रह किया कि कठिन समय में प्रत्येक प्रभावित परिवार तक शीघ्र राहत और पुनर्वास सहायता पहुंचाई जाए.
इस बीच आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि चक्रवात अर्नब के कारण राज्य में सात लोगों की मौत हुई है और प्रारंभिक आकलन के अनुसार करीब 4,600 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि विस्तृत सर्वेक्षण के बाद नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है.
Chief Minister ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद कहा कि राज्य Government ने केंद्र Government को नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट भेज दी है. उन्होंने बताया कि केंद्रीय टीम Friday को राज्य का दौरा कर नुकसान का आकलन करेगी.
नायडू ने कहा कि कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. Government ने राहत शिविरों में रहने वाले परिवारों को वापस घर लौटने पर 25 किलो चावल, आवश्यक वस्तुओं का पैकेट और तत्काल खर्च के लिए वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है.
इसके अलावा क्षतिग्रस्त प्रत्येक नारियल और ऑयल पाम के पेड़ के लिए 1,500 रुपए की सहायता देने की घोषणा की गई है. किसानों को फसल बीमा योजना के तहत भी मुआवजा दिया जाएगा.
Chief Minister ने बताया कि चक्रवात के कारण अकेले कोनसीमा जिले में लगभग 8,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं. बिजली और दूरसंचार सेवाओं को बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि एहतियाती उपायों के चलते बड़े पैमाने पर जनहानि को रोका जा सका, लेकिन सात लोगों की मौत बेहद दुखद है.
चक्रवात के बाद राहत कार्यों में लगभग 30 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया गया है, जबकि तेलंगाना से एक हजार बिजली कर्मियों की मदद भी मांगी गई है.
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एएमटी/डीकेपी
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