चक्रवात अर्नब: दक्षिण बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, कोलकाता में पांच उड़ानें रद्द

कोलकाता, 28 अक्टूबर . आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब के दस्तक देने के बीच पश्चिम बंगाल में भी इसका असर दिखने लगा है. हालांकि, राज्य में अब तक चक्रवात का प्रभाव सीमित रहा है, लेकिन India मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले दो दिनों में दक्षिण बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और कई जिलों में गरज-चमक के साथ तूफान की चेतावनी जारी की है.

मौसम विभाग के अनुसार, Wednesday को दक्षिण बंगाल के चार जिलों दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में भारी बारिश होने की संभावना है. दक्षिण बंगाल के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है.

Thursday को कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ तूफान आने की संभावना जताई गई है. Friday से मौसम में सुधार होने की उम्मीद है. हालांकि, पूर्व बर्दवान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद और नदिया जिलों में गरज-चमक को लेकर येलो अलर्ट जारी रहेगा.

चक्रवात का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है. कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंडिगो की पांच उड़ानें रद्द कर दी गईं. इनमें शहर में आने वाली तीन और यहां से रवाना होने वाली दो उड़ानें शामिल हैं.

पूर्व मेदिनीपुर जिले में Tuesday दोपहर कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई. Wednesday सुबह से ही कांथी और रामनगर समेत तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने की खबर है. बंगाल की खाड़ी में समुद्र का जलस्तर सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं. ताजपुर और शंकरपुर के आसपास के तटीय इलाकों में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के जरिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है. सुरक्षा के मद्देनजर समुद्र में नहाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.

मौसम विभाग ने उत्तर बंगाल के जिलों में भी प्रतिकूल मौसम की आशंका जताई है. Thursday और Friday को दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों में भारी बारिश होने का अनुमान है. उत्तर बंगाल के शेष जिलों में गरज-चमक के साथ तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हो सकता है. ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और तटीय तथा पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

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डीएससी