चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर आंध्र प्रदेश में अलर्ट, 21 आपदा राहत टीमें तैनात

अमरावती, 25 अक्टूबर . आंध्र प्रदेश में संभावित भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की कुल 21 टीमें तैनात की गई हैं. राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की 10 और एसडीआरएफ की 11 टीमें तैनात की गई हैं.

Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू ने Sunday को संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों की निकासी, राहत शिविरों की स्थापना, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सेवाओं और बिजली बहाली की तैयारियों की समीक्षा की.

उन्होंने सभी सरकारी विभागों को चक्रवात से उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए.

Chief Minister ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में स्थिति की समीक्षा की. मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर को एक भीषण चक्रवाती तूफान आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है.

बैठक में मुख्य सचिव साई प्रसाद, डीजीपी हरीश गुप्ता, विभिन्न जिलों के कलेक्टर, रियल टाइम गवर्नेंस (आरटीजी) के अधिकारी तथा कृषि, ऊर्जा, सिंचाई, गृह, स्वास्थ्य, नागरिक आपूर्ति, नगर प्रशासन और पंचायती राज विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए.

बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव चक्रवात में बदलने की संभावना को देखते हुए Chief Minister ने राज्य पर इसके संभावित प्रभाव और तैयारियों की समीक्षा की.

नायडू ने अधिकारियों को लगातार सतर्क रहने, उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखने और पहले से योजना बनाकर लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के निर्देश दिए.

अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि समुद्र में मौजूद सभी मछली पकड़ने वाली नौकाएं तत्काल तट पर लौट आएं.

Chief Minister ने भारी बारिश के पानी का उपयोग जलाशयों को भरने के लिए करने के भी निर्देश दिए.

चक्रवात के 28 अक्टूबर की सुबह से दोपहर के बीच बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराने की संभावना है. वर्तमान अनुमान के अनुसार, कोनसीमा, यानम और काकीनाडा का तटीय क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं.

गहरा दबाव फिलहाल विशाखापत्तनम से लगभग 850 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व और काकीनाडा से करीब 930 किलोमीटर दूर स्थित है. इसके 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान, उसी रात तक भीषण चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है.

तूफान के तट से टकराने के समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.

27 अक्टूबर की सुबह से ही तटीय इलाकों में तेज हवाओं का असर शुरू हो सकता है.

27 और 28 अक्टूबर को उत्तर आंध्र और मध्य तटीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है.

काकीनाडा, अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, कोनसीमा और पूर्वी गोदावरी समेत उत्तर आंध्र के कई जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है.

मौसम विभाग के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर को बारिश की तीव्रता सबसे अधिक रहने की संभावना है. कई इलाकों में भारी से बहुत भारी और कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है.

अनकापल्ली जिले में सबसे अधिक औसत वर्षा 292.55 मिमी दर्ज होने का अनुमान है. अन्य जिलों में अल्लूरी सीताराम राजू जिले में 281.17 मिमी, विशाखापत्तनम में 253.87 मिमी और श्रीकाकुलम में 249.18 मिमी बारिश का अनुमान लगाया गया है.

अगले पांच दिनों में पूरे राज्य में औसतन 95 मिमी वर्षा होने का अनुमान है. प्रभावित जिलों में औसत वर्षा 22 से 29 सेंटीमीटर तक हो सकती है.

समुद्र में अत्यधिक उफान की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.

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एएमटी/एबीएम