
चंडीगढ़, 25 सितंबर . चंडीगढ़ Police के हेड कॉन्स्टेबल की Friday सुबह सेक्टर 22 स्थित उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई. Police ने हत्या के सिलसिले में उनके बेटे को हिरासत में लिया है. इस संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान नितिन के तौर पर हुई है, जो चंडीगढ़ Police की अकाउंट्स ब्रांच में तैनात थे. यह घटना सेक्टर 22 में Policeकर्मी के सरकारी आवास पर हुई. फायरिंग की सूचना मिलने पर सेक्टर 17 Police स्टेशन की एक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
Police के मुताबिक, घटनास्थल से एक देसी पिस्तौल बरामद की गई. घर से सबूत इकट्ठा करने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नितिन को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. एसएसपी कंवरदीप कौर ने मीडिया को बताया कि अपराध के समय पीड़ित की पत्नी और बेटा घर पर मौजूद थे. जांच चल रही है और इस समय कुछ भी नहीं कहा जा सकता.
जब Police पहुंची, तो पीड़ित के बेटे अरमान सिंह ने शुरू में जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की. उसने Police को बताया कि कुछ बाहरी लोगों ने उसके पिता की हत्या की है. हालांकि, Police को उसके बयानों पर शक हुआ और उन्होंने उससे सख्ती से पूछताछ शुरू की.
बाद में उसे विस्तृत पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया. अधिकारी गोलीबारी की परिस्थितियों और घटना के समय घर में मौजूद लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं. Police अधिकारियों का अब तक यही कहना है कि जांच शुरुआती चरण में है.
स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) सुदेश कुमार ने कहा कि हत्या के पीछे की परिस्थितियों या मकसद पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी.
रिपोर्ट्स में नितिन के बेटे का संबंध वाहन दुर्घटना के एक पुराने मामले से भी जोड़ा गया है, जिसमें एक एसयूवी से लोगों को टक्कर मारी गई थी. वह फिलहाल जमानत पर बाहर है. Police जांच कर रही है कि क्या उस मामले और Friday की घटना के बीच कोई संबंध है, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई संबंध सामने नहीं आया है.
Police ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. Friday को हुई हत्या, 18 सितंबर को अमृतसर में ड्यूटी के दौरान पंजाब Police के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने के एक हफ्ते बाद हुई है.
इससे पहले, अमृतसर के अजनाला में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर जसवंत सिंह बाल-बाल बच गए थे, जब 11 सितंबर को मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर हमला किया और गोली उनकी पगड़ी को छूकर निकल गई.
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एएसएच/एबीएम
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