
वॉशिंगटन, 11 सितंबर . उपPresident जे.डी. वेंस ने अमेरिकी पारिवारिक मूल्यों का समर्थन किया है. उन्होंने नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की जीत की अपील करने के लिए अपनी पत्नी ऊषा और अपने नवजात बेटे को Political चर्चा के केंद्र में ला दिया.
डलास में रिपब्लिकन मध्यावधि सम्मेलन के दौरान वेंस ने बताया कि उनकी पत्नी उषा उनके परिचय के लिए (मंच पर) नहीं आ सकीं. उन्होंने कहा कि उषा इस समय अपने छह हफ्ते के नवजात बेटे और तीन अन्य छोटे बच्चों की देखरेख में व्यस्त हैं.
वेंस ने कहा, “जुलाई में, मेरी खूबसूरत उषा ने एक बेटे, छोटे एलेक, को जन्म दिया – बस छह सप्ताह पहले.”
उन्होंने कहा कि आयोजकों ने उषा से तब संपर्क किया था जब उनका बेटा सिर्फ दो हफ्ते का था. वेंस ने कहा, “उन्होंने कहा, ‘बिल्कुल नहीं! मुझे चार बच्चों की देखभाल करनी है.’ लेकिन वह अपना प्यार भेज रही हैं और मुझे पता है कि वह घर से देख रही हैं.”
उपPresident ने परिवार की इस कहानी का इस्तेमाल एक बड़ी बात कहने के लिए किया, जिसे उन्होंने अमेरिकी बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार बताया.
उन्होंने कहा, “देवियों और सज्जनों, मैंने इस बात पर बहुत सोचा है कि अमेरिकियों में सबसे नए सदस्य, मेरे छोटे बेटे का जन्मसिद्ध अधिकार क्या है. वह अब हमारा साथी नागरिक है, भले ही उसे यह पता न हो.”
उन्होंने अपनी चार साल की बेटी मीरा के बारे में बात की, जो अपने भाई को खाना खिलाना चाहती थी, और बड़े बच्चों के बारे में बताया जो नवजात को मुस्कुराते हुए देख रहे थे.
उन्होंने कहा, “इसी परिवार के बीच मैंने उषा को उन चार बच्चों के साथ बहुत धैर्य दिखाते हुए देखा है.”
वेंस ने मिशिगन से डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि अल-सैयद ने सवाल उठाया था कि क्या वेंस ऊषा को समय में पीछे ले जाकर अपने दिवंगत दादा से मिलवाते, जिन्हें वे “पापॉ” कहते थे.
वेंस ने इस टिप्पणी को इस सवाल पर हमले के तौर पर देखा कि क्या उनके श्वेत दादा ऊषा को स्वीकार कर सकते थे और उनसे प्यार कर सकते थे.
वेंस ने कहा, “अब्दुल उन्हें देखते हैं, उनकी त्वचा का रंग देखते हैं, उनकी पृष्ठभूमि देखते हैं और तय कर लेते हैं कि वह मेरी पत्नी से कभी प्यार नहीं कर सकते थे.”
उपPresident ने कहा कि अल-सैयद खुद गोरे सौतेले दादा-दादी द्वारा पाले-पोसे गए थे. उन्होंने कहा, “वे कहते हैं कि जेम्स वेंस जैसे नाम वाले लोग उषा जैसे नाम वाले लोगों से प्यार करने में असमर्थ होते हैं, और वे इससे ज़्यादा गलत नहीं हो सकते.”
बता दें कि भारतीय मूल की उषा वेंस, अमेरिका की पहली भारतीय-अमेरिकी और पहली हिंदू ‘सेकंड लेडी’ बनीं, जब उनके पति ने उपPresident का पद संभाला.
इस जोड़े की मुलाकात येल लॉ स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी. उनके चार बच्चे हैं. पेशे से वकील उषा वेंस अक्सर अपने पति के साथ बड़े Political कार्यक्रमों में नजर आती रही हैं, लेकिन आम तौर पर वे सार्वजनिक रूप से कम ही चर्चा में रहती हैं.
–
पीआईएम/एएस
Skip to content