
रांची, 20 अक्टूबर . धारीदार लोअर, साधारण टीशर्ट, कंधे पर गमछा और पैरों में स्लीपर. न कोई प्रोटोकॉल और न सुरक्षा का भारी-भरकम काफिला. ये थे Jharkhand के Chief Minister हेमंत सोरेन, जो अपनी पत्नी और गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन के साथ Tuesday को बोकारो जिले के कसमार कस्बे में रोड-साइड चाय-पकौड़ी की टपरी पर पहुंच गए.
कसमार के तीनकोनिया चौक पर जब Chief Minister की गाड़ी ने सड़क किनारे कुणाल जायसवाल की एक छोटी सी चाय-पकौड़ी की दुकान के सामने अचानक ब्रेक लगाया तो स्थानीय लोगों के आश्चर्य का ठिकाना न रहा. उन्होंने यहां आम लोगों के बीच करीब 10 मिनट बिताया. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ गरमा-गरम पकौड़ियों का लुत्फ उठाया, बल्कि अपने हाथों से दुकान पर मौजूद ग्रामीणों को पकौड़ी भी परोसी.
अचानक सूबे के मुखिया को अपने बीच इस सादगी के साथ चाय की चुस्कियां लेते और पकौड़ी खाते देख लोग रोमांचित हो उठे. कसमार Chief Minister सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से करीब 28 किलोमीटर दूर है. सोरेन अपनी मां के निधन के बाद उनकी अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों को लेकर पिछले 12 दिनों से पैतृक गांव में ही थे. सीएम का कसमार दौरा भले अनौपचारिक था, लेकिन वापसी के दौरान उन्होंने रास्ते में बहुप्रतीक्षित निर्माणाधीन कसमार-बरलंगा सड़क का औचक निरीक्षण किया.
बता दें कि बरलंगा-नेमरा वाया कसमार सड़क के दो-लेन चौड़ीकरण और मजबूतीकरण को Jharkhand कैबिनेट ने वर्ष 2021 में मंजूरी दी थी. इस महत्वपूर्ण सड़क और इसके दायरे में बनने वाले पुल-पुलियों के पूरा हो जाने से गोला, बरलंगा और आसपास के हजारों ग्रामीणों का सफर बेहद सुगम हो जाएगा और समय की भारी बचत होगी.
सड़क का निरीक्षण करने के बाद Chief Minister सेवाती घाटी भी पहुंचे और वहां की वस्तुस्थिति का जायजा लिया. जैसे ही Chief Minister के इस सरप्राइज विजिट की भनक स्थानीय प्रशासन को लगी, बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा भी तुरंत सेवाती घाटी पहुंच गए, जहां Chief Minister ने क्षेत्र के विकास, निर्माण कार्यों की प्रगति और जरूरी सुधारों को लेकर अधिकारियों से चर्चा की.
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एसएनसी/डीकेपी
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