
Bengaluru, 26 सितंबर . कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने Saturday को आरोप लगाया कि राज्य Government नई तकनीकी शर्तें लागू करके और मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) का हवाला देकर ‘गृह लक्ष्मी’ योजना के तहत भुगतान में जानबूझकर देरी कर रही है.
आर. अशोक ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि कर्नाटक में कांग्रेस Government महिलाओं के लिए अपनी मुफ्त योजनाओं के दम पर सत्ता में आई थी, लेकिन अब ‘गृह लक्ष्मी’ पेमेंट पाने के लिए अतिरिक्त शर्तें लगाकर लाभार्थियों को परेशान कर रही है. महिला लाभार्थियों के लिए अपने नाम पर रजिस्टर्ड और बैंक अकाउंट से सिम कार्ड लिंक होना जरूरी कर दिया गया है, जिससे गरीब और ग्रामीण महिलाओं को मुश्किलें हो रही हैं.
भाजपा नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि जिन गरीब महिलाओं के पास अपना मोबाइल फोन या सिम कार्ड नहीं है, उन्हें अब नए सिम कार्ड खरीदने और आधार व केवाईसी अपडेट पर हर महीने पैसे खर्च करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. एसआईआर का बहाना बनाकर लाखों महिला लाभार्थियों को हर महीने मिलने वाले गारंटी पेमेंट में देरी कर रही है.
अशोक ने पूछा कि क्या यह एसआईआर और वोटर लिस्ट के वेरिफिकेशन के नाम पर पेमेंट में देरी करने की Government की कोई सोची-समझी साजिश है. क्या यह राज्य के खाली खजाने को छिपाने के लिए देरी करने का कोई तरीका है.
Chief Minister डीके शिवकुमार से बात करते हुए आर. अशोक ने सवाल किया कि क्या तकनीकी शर्तें थोपना और एसआईआर का हवाला देकर गरीब महिलाओं को एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर दौड़ाना और उन्हें फायदों से वंचित करना ही Government का अपनी गारंटी लागू करने का मॉडल है.
उन्होंने मांग की कि Government तुरंत तकनीकी शर्तों को वापस ले, पेमेंट में देरी बंद करे और हर योग्य ‘गृह लक्ष्मी’ लाभार्थी का पूरा बकाया पैसा जारी करे.
गौरतलब है कि ‘गृह लक्ष्मी’ योजना कर्नाटक Government द्वारा अगस्त 2023 में शुरू की गई महिलाओं के सशक्तीकरण की एक प्रमुख पहल है. इसके तहत योग्य लाभार्थियों को हर महीने 2,000 रुपए सीधे दिए जाते हैं. राज्य ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 28,608 करोड़ रुपए की बड़ी रकम तय की है, जो राज्य के सभी गारंटी कार्यक्रमों पर होने वाले कुल खर्च का आधे से ज्यादा हिस्सा है.
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डीकेएम/
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