
गांधीनगर, 6 नवंबर . Gujarat के Chief Minister कार्यालय को Friday को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य सचिवालय में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया और पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी.
यह धमकी Gujarat हाईकोर्ट को मिले बम धमकी वाले ईमेल के कुछ घंटों बाद आई, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं.
ताजा ईमेल में खास तौर पर Chief Minister कार्यालय को निशाना बनाया गया था. इसके बाद न्यू सेक्रेटेरिएट परिसर में सुरक्षा और बढ़ा दी गई. धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमों को सचिवालय भेजा गया.
इन टीमों ने न्यू सेक्रेटेरिएट के विभिन्न ब्लॉकों और स्थानों पर गहन जांच शुरू की, ताकि किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री का पता लगाया जा सके.
Chief Minister कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई, जबकि सचिवालय के प्रवेश और निकास द्वारों पर Police ने सख्त जांच शुरू कर दी.
परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई और एहतियात के तौर पर आने-जाने वालों की जांच बढ़ा दी गई.
बम निरोधक दस्ते ने परिसर के विभिन्न हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया, जबकि डॉग स्क्वॉड ने अलग-अलग स्थानों की जांच कर यह सुनिश्चित किया कि वहां कोई संदिग्ध सामग्री न रखी गई हो.
सुरक्षा एजेंसियों ने इस धमकी को गंभीरता से लिया और Chief Minister कार्यालय सहित सचिवालय के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की.
इस बीच धमकी भरा ईमेल भेजने वाले व्यक्ति और ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.
जांच एजेंसियां ईमेल के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे क्या मकसद था.
ईमेल की सामग्री और इसे भेजने वाले की पहचान के बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
यह नई धमकी ऐसे समय में आई है, जब पिछले कुछ दिनों में Gujarat के कई सरकारी संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों को भी बम धमकी वाले ईमेल मिल चुके हैं.
3 नवंबर को गांधीनगर स्थित Police महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय को एक ईमेल मिला था, जिसमें राज्य के सरकारी दफ्तरों, एक मंदिर और जेलों पर हमले की धमकी दी गई थी.
इसके बाद Ahmedabad की साबरमती सेंट्रल जेल समेत मेहसाणा और पाटन के सरकारी संस्थानों में सुरक्षा जांच की गई थी, हालांकि तलाशी के दौरान कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी.
लगातार मिल रही इन धमकियों के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने राज्यभर के संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों पर एहतियाती जांच और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है.
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एएमटी/
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