गुजरात : सखी मंडलों के उत्पादों को मिलेगा व्यापक बाजार, राज्य के 136 बस स्टैंडों पर शुरू हुए ग्राम हाट

राजकोट, 10 अक्टूबर . Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने राज्य की बहनों को ‘नवरात्रि की भेंट’ देते हुए Saturday को 27 जिलों के बस स्टेशनों पर सखी मंडल संचालित लगभग 136 ग्राम हाट का राजकोट से ई-लोकार्पण किया.

इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं से संबंधित विभिन्न पहलों के साथ तीन दिवसीय ‘सरस मेले’ का शुभारंभ कराया. ‘गृह नारी’ को ‘लक्ष्मी स्वरूपा’ बनाने वाली इन पहलों की घोषणा का रेसकोर्स ग्राउंड में आयोजित सभा में उपस्थित हजारों बहनों ने हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया.

Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने ग्राम विकास विभाग तथा Gujarat लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को विकास यात्रा में केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि डेवलपमेंट पार्टनर बनाने का Prime Minister Narendra Modi का संकल्प है. इस अवसर पर Chief Minister ने सभी को Sunday को शुरू हो रहे नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दीं.

उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के तहत अनेक नई पहलें शुरू करने के लिए मंत्री और विभाग को बधाई देते हुए कहा कि राज्य के 136 बस स्टेशनों पर सखी मंडल संचालित ग्राम हाट के शुभारंभ के साथ यहां 13 एमओयू किए गए हैं. बस और रेलवे स्टेशनों पर स्वयं सहायता समूह की बहनों के उत्पादों की बिक्री के लिए व्यवस्था स्थापित की गई है. इससे ग्रामीण माताओं-बहनों के हस्तशिल्प उत्पादों और घरेलू उद्योगों की खाद्य सामग्री को व्यापक बाजार मिलेगा और ‘वोकल फॉर लोकल’ का मंत्र सार्थक होगा.

उन्होंने कहा कि महिलाओं को सफल डिजिटल उद्यमी बनाने के लिए एनआईएफटी, माइका, डीडब्ल्यूआईआई जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा मेंटरशिप और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए विशेष पहल शुरू की गई है.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अमूल द्वारा राज्य के 18 हजार गांवों में महिला संचालित मिल्क पार्लर शुरू किए जाएंगे. इसके लिए आज जीएलपीसी और अमूल के बीच एमओयू किए गए हैं.

Chief Minister ने इस अवसर को शक्ति उपासना के पर्व से पहले नारी शक्ति को समृद्ध बनाने की Gujarat Government की प्रतिबद्धता का अवसर कहा.

Prime Minister के ‘वुमन लेड डेवलपमेंट’ के मिशन का उल्लेख करते हुए Chief Minister ने कहा कि राज्यभर में लगभग ढाई लाख सखी मंडलों की 30 लाख ग्रामीण बहनें अपने कौशल से पर्याप्त आर्थिक आय अर्जित करने लगी हैं.

महिलाओं की आर्थिक उन्नति के लिए पर्याप्त वित्तीय व्यवस्था होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य Government ने इस क्षेत्र में पिछले वर्ष 800 करोड़ रुपए की सहायता दी है और आने वाले वर्षों में कई गुना अधिक सहायता देने के लिए Government तैयार है.

उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 तक देश में 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने की Prime Minister की मंशा है. Gujarat में अब तक 8.5 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं.

Chief Minister ने इस अवसर पर विश्वास भी व्यक्त किया कि आज शुरू की गई पहलें ग्रामीण Gujarat की आने वाले समय की समृद्धि की नींव बनेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधान सेवक के रूप में Prime Minister ने सभी माताओं-बहनों के सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित करके देशभर की नारी शक्ति का गौरव बढ़ाया है.

उन्होंने Prime Minister के जनसेवा-राष्ट्रसेवा के 25 वर्षों के साथ-साथ Gujarat में उनके Chief Minister के रूप में कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए महिला एवं बाल विकास विभाग, नारी गौरव नीति आदि का भी उल्लेख किया.

इस अवसर पर राजकोट जिले के प्रभारी मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि Gujarat में Prime Minister द्वारा लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी की स्थापना की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप सखी मंडलों का गठन हुआ और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है. Gujarat में Chief Minister भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अद्भुत क्रांति आई है. राज्यभर में कार्यरत लगभग 3 लाख से अधिक सखी मंडलों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही हैं. इस कार्यक्रम में हुए विभिन्न एमओयू का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सहकारिता एवं पशुपालन विभाग के समन्वय से महिलाओं की आर्थिक उड़ान को पंख मिलेंगे.

ग्राम विकास मंत्री कुंवरजी बावळिया ने कहा कि Prime Minister मोदी के सुशासन और जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्षों के दौरान अनेक ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं. ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में ‘मिशन मंगलम’ अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. ग्रामीण महिलाएं अब केवल घर संभालने तक सीमित नहीं रही हैं, बल्कि अपनी कला और कौशल द्वारा राज्य और राष्ट्र के विकास में अमूल्य योगदान दे रही हैं. पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्यभर में आयोजित लगभग 236 सरस मेलों में करीब 8,500 स्वयं सहायता समूहों ने लगभग 40 करोड़ रुपए की बिक्री की है. इन मेलों के माध्यम से बहनों के हस्तशिल्प और उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें.

स्वयं सहायता समूह की बहनों द्वारा उत्पादित वस्तुओं के विपणन और बिक्री के लिए स्थान एवं बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जीएलपीसी द्वारा रेलवे, जीएसआरटीसी, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, अमूल, माइका, ईडीआईआई, एनआईएफटी, सरदार पटेल कृषि विश्वविद्यालय के साथ-साथ एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई, बीओबी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के साथ मिलकर 13 समझौता ज्ञापन किए गए.

इसके अलावा, विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को अमूल पार्लर आवंटन पत्र, 45 लाख रुपए के कैश क्रेडिट चेक तथा डेयरी से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को 40 लाख रुपए के कैश क्रेडिट चेक वितरित किए गए. साथ ही, अन्य सखी मंडलों को ई-कॉमर्स इंसेंटिव के कुल 1,08,640 रुपए के चेक प्रदान किए गए.

इसके साथ ही अंत्योदय की भावना को साकार करते हुए Chief Minister के करकमलों से जिले के घुमंतू एवं विमुक्त जाति के 139 परिवारों को आवास के उद्देश्य से प्लॉट का निशुल्क वितरण भी किया गया.

कार्यक्रम के प्रारंभ में जीएलपीसी की प्रबंध निदेशक प्रशस्ति पारीक ने महानुभावों का मौखिक स्वागत करते हुए पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तथा महिला उत्थान के लिए जीएलपीसी द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी प्रस्तुत की.

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एएसएच/एबीएम