
New Delhi, 7 अक्टूबर . भाजपा नेता डॉ. अशोक बाजपेयी ने Prime Minister Narendra Modi के 25 साल के सार्वजनिक जीवन और उनके कार्यकाल की उपलब्धियों की तारीफ की. उन्होंने कहा कि मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष समाज सेवा के बेमिसाल वर्ष हैं. Narendra Modi ने Gujarat के Chief Minister के रूप में करीब 12 वर्षों तक काम करने के बाद Prime Minister के रूप में भी देश को आगे ले जाने के लिए लगातार प्रयास किया है.
अशोक बाजपेयी ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi का लक्ष्य 2047 तक India को विकसित देश के रूप में दुनिया में पहचान दिलाना है. इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सामाजिक और आर्थिक समेत हर क्षेत्र में देश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. Prime Minister मोदी ने देश के सभी वर्गों के लोगों से ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के संकल्प के साथ देश को आगे ले जाने का आह्वान किया है. पिछले वर्षों में आर्थिक, सामरिक और कूटनीतिक क्षेत्रों में India का सम्मान बढ़ा है.
उन्होंने कहा कि Gujarat में Prime Minister मोदी ने जिस तरह विकास को आगे बढ़ाने का प्रयोग किया था, Prime Minister बनने के बाद उसी सोच को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का काम किया गया. पीएम मोदी का काम केवल विकास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्र चेतना और सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में भी प्रयास किए गए हैं. सनातन संस्कृति को सम्मान और दुनिया में पहचान दिलाने की दिशा में भी Prime Minister मोदी ने काम किया है.
डीएमके की ओर से अखिलेश यादव के उस संदेश का समर्थन किए जाने पर, जिसमें भाजपा को हराना जरूरी बताया गया था, अशोक बाजपेयी ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ Government के कामकाज का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी के नेतृत्व वाली Government हर क्षेत्र में राज्य को आगे ले जाने का काम कर रही है. प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर स्थिति बेहतर होने से देश और दुनिया के उद्यमी उत्तर प्रदेश में रुचि ले रहे हैं तथा औद्योगिक घराने निवेश कर रहे हैं.
बाजपेयी ने दावा किया कि प्रदेश में लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है और राज्य प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. विपक्षी दलों को लग रहा है कि वे अकेले भाजपा का मुकाबला नहीं कर सकते, इसलिए एकजुट हो रहे हैं. भाजपा के साथ जनता का समर्थन और विश्वास जुड़ा हुआ है.
राहुल गांधी के उस बयान पर भी अशोक बाजपेयी ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने Prime Minister Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह के लिए कार्रवाई की बात कही थी. बाजपेयी ने राहुल गांधी की टिप्पणी को लोकतांत्रिक और मर्यादित राजनीति के अनुरूप नहीं बताया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को Prime Minister और संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुखों के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां करने से बचना चाहिए.
उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को किसी मुद्दे पर आपत्ति है तो उसे संसद में उठाकर उस पर चर्चा करनी चाहिए. संसद में चर्चा नहीं होने देना और सड़क पर प्रदर्शन करके मुद्दे उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करता है. मोहन भागवत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस एक सामाजिक संगठन है और उसके प्रमुख के खिलाफ भी इस तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास अपने बयानों के लिए पर्याप्त तर्क नहीं हैं.
अशोक बाजपेयी ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष की ओर से कभी Prime Minister तो कभी संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुखों को निशाना बनाया जाता है. उन्होंने कहा कि विदेशों में देश के खिलाफ टिप्पणी करने और देश में संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का रवैया विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी के अनुरूप नहीं है. उन्होंने राहुल गांधी के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर रहकर अपनी बात रखनी चाहिए और संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए.
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