गुजरात में नकली दवाओं पर सरकार सख्त, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- जीरो टॉलरेंस नीति

गांधीनगर, 2 सितंबर . Gujarat Government ने नकली और अवैध दवाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति अपनाई है. राज्य में 50 दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं और घटिया दवाओं, खाने-पीने की चीजों में मिलावट और अवैध दवा नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने गांधीनगर में से बात करते हुए कहा कि Chief Minister भूपेंद्र पटेल के स्पष्ट निर्देश पर अभियान चलाया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने हमें साफ निर्देश दिए थे कि जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी के तहत, दवा और खाने-पीने की चीजों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. कल एक बैठक हुई थी. पूरे Gujarat में फूड डिपार्टमेंट और हमारा ड्रग्स डिपार्टमेंट हर जगह छापेमारी कर रहा है.”

मंत्री ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई जगहों पर मिलावटी और नकली दवाएं, कफ सिरप और दूसरे उत्पाद मिले हैं. कई जगहों पर ऐसी गड़बड़ी में शामिल फैक्टरियों और फार्मास्युटिकल कंपनियों को सील किया गया है और उनके लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं.

पानशेरिया ने कहा, “पिछले चार महीने से Gujarat में अभियान चलाया जा रहा है. सभी जगहों पर जनता की प्रतिक्रिया अच्छी मिल रही है. सभी लोग इसमें सहयोग कर रहे हैं. रेस्टोरेंट में गंदगी और मिलावटी खाना लोगों को देना, नकली दवाओं को बनाने वालों पर हमने सख्त कार्रवाई की है और दोषियों को दबोचा है.”

उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में Ahmedabad Police ने भी काफी मेहनत की है. क्राइम ब्रांच के साथ ड्रग्स विभाग के अधिकारियों ने मिलकर तीन राज्यों में छापा मारकर आरोपियों को पकड़ा है.

स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा, “मुझे उम्मीद है कि Gujarat में मिलावट की कोई भी गलत हरकत नहीं करेगा, वरना उसे सजा भुगतनी पड़ेगी. हमारी Police और ड्रग्स विभाग उस पर सख्त कार्रवाई करेगा.”

Government का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

एससीएच/एबीएम