
सूरत, 10 अक्टूबर . Gujarat Government का लक्ष्य राज्य भर के सभी cctv कैमरों को एक ही डैशबोर्ड से जोड़ना और युवा नवप्रवर्तकों द्वारा विकसित तकनीक को Police प्रक्रियाओं में एकीकृत करना है. इसमें First Information Report पंजीकरण और साइबर अपराध समाधान शामिल हैं. यह बात Saturday को उपChief Minister हर्ष संघवी ने कही.
सूरत के सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एसवीएनआईटी) में ई-रक्षक हैकाथॉन के भव्य समापन समारोह को संबोधित करते हुए संघवी ने कहा कि राज्य Government सॉफ्टवेयर-आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करना चाहती है जो Policeिंग में सुधार कर सकें और बार-बार बदलने वाले हार्डवेयर पर निर्भरता कम कर सकें.
उन्होंने छह राज्यों के 13 से अधिक विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों का प्रतिनिधित्व करने वाली 31 टीमों द्वारा विकसित साइबर सुरक्षा प्रोटोटाइप की समीक्षा की.
भव्य समापन समारोह में देश भर से प्राप्त 458 पंजीकरणों में से चयनित 150 छात्र शामिल हुए.
उन्होंने कहा कि प्रमुख कंपनियों द्वारा पेश किए गए हार्डवेयर और कैमरा मॉडल में बदलाव से सरकारी खर्च बढ़ सकता है. इसलिए स्थायी सॉफ्टवेयर समाधान एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता बन गए हैं.
उन्होंने छात्रों को नागरिकों और Police के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने यातायात प्रबंधन में सुधार के लिए cctv कैमरों के साथ एकीकृत कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्षमता पर भी प्रकाश डाला.
उन्होंने आगे कहा कि ट्रैफिक सिग्नल पर प्रतीक्षा समय में केवल 15 सेकंड की कमी भी लाखों लोगों का बहुमूल्य समय और ईंधन बचा सकती है.
उपChief Minister ने युवाओं से social media पर होने वाली चर्चाओं से परे जाकर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई सरकारी योजनाओं से अवगत होने का आग्रह किया.
उन्होंने Gujarat की औद्योगिक और स्टार्टअप नीतियों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए पहलों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र की योजनाओं का उल्लेख किया.
उन्होंने कहा कि पात्र उद्यमियों को स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के माध्यम से उपलब्ध सहायता के अलावा, कार्यालय किराया, विपणन, परिचालन खर्च, वेतन और क्लाउड सब्सक्रिप्शन के लिए सहायता मिल सकती है.
उन्होंने महिला उद्यमियों के लिए प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला. प्रतिभागियों को सरकारी सहायता का आश्वासन देते हुए संघवी ने कहा कि राज्य स्टार्टअप्स के लिए जोखिम भागीदार के रूप में कार्य करने और नवोन्मेषी विचारों को व्यावहारिक समाधानों में बदलने में शामिल जोखिमों को साझा करने के लिए तैयार है.
संघवी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर अपराध गिरोहों का भंडाफोड़ करने के लिए सूरत साइबर क्राइम टीम की भी सराहना की.
उन्होंने कहा कि Government युवा नवोन्मेषकों के साथ मिलकर ऐसी तकनीक विकसित करना चाहती है जो अपराध को रोकने और Police संचालन की दक्षता में सुधार करने में सहायक हो.
सूरत Police आयुक्त वाबंग जामीर ने कहा कि कॉलेज के छात्रों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध रोकथाम के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु हैकाथॉन का आयोजन सूरत शहर Police और एसवीएनआईटी की नेक्सस इकाई द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है.
Police उपायुक्त (साइबर अपराध) बिशाखा जैन ने कहा कि आयोजकों ने Police थानों में किए गए सर्वेक्षणों के माध्यम से नौ से दस समस्या कथनों की पहचान की है.
उन्होंने कहा कि ये नागरिकों द्वारा सामना की जाने वाली रोजमर्रा की कठिनाइयों और Police कर्मियों द्वारा सामना की जाने वाली परिचालन चुनौतियों पर केंद्रित थे.
देश भर के कॉलेजों से कुल 458 छात्रों ने हैकाथॉन के लिए पंजीकरण कराया, जिनमें से 31 टीमों का प्रतिनिधित्व करने वाले 150 छात्र सूरत में आयोजित ग्रैंड फाइनल में पहुंचे.
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एमएस/
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