
Ahmedabad, 28 अगस्त . Gujarat के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (एफडीसीए) ने Ahmedabad के त्रागड़ इलाके में एक फर्म से 2.68 लाख रुपये से अधिक मूल्य के कॉस्मेटिक मटेरियल और संबंधित सामग्री जब्त की है. यह पाया गया कि उत्पादों का निर्माण और पुनर्पैकेजिंग कथित तौर पर आवश्यक लाइसेंस और गुणवत्ता परीक्षण के बिना किया जा रहा था.
गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एफडीसीए की एक टीम ने 25 अगस्त को ‘आंकी हर्बल’ में अचानक निरीक्षण किया.
विभाग के अनुसार, यह फर्म आवश्यक लाइसेंस प्राप्त किए बिना या गुणवत्ता परीक्षण किए बिना कॉस्मेटिक मटेरियल का निर्माण कर रही थी और थोक पैक से उत्पादों की पुनर्पैकेजिंग कर रही थी.
अधिकारियों ने फेयरनेस क्रीम, डार्क सर्कल क्रीम, शैम्पू, हेयर ऑयल, बॉडी वॉश, फेस वॉश, स्क्रब, सॉलिड परफ्यूम और ग्लिसरीन आधारित साबुन सहित विभिन्न प्रकार के स्टॉक जब्त किए.
कच्चा माल, पैकेजिंग सामग्री और मुद्रित लेबल भी जब्त किए गए, जिससे सामग्री का कुल मूल्य 2.68 लाख रुपये से अधिक हो गया.
विभाग की जांच में पता चला कि इस गतिविधि में इस्तेमाल होने वाली थोक सामग्री कथित तौर पर Ahmedabad के ओधव क्षेत्र में स्थित ‘रवि मार्केटिंग’ से खरीदी गई थी.
विभाग ने कहा, “शिवांता रीगल स्थित एक फ्लैट में कॉस्मेटिक मटेरियल की अवैध रूप से पैकेजिंग की गई और ग्लिसरीन साबुन का निर्माण किया गया.”
जांच का दायरा रवि मार्केटिंग तक बढ़ा दिया गया है. एफडीसीए के अधिकारियों ने परिसर से 10 अलग-अलग कॉस्मेटिक उत्पादों के नमूने भी एकत्र किए और उनकी गुणवत्ता का आकलन करने के लिए उन्हें विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला में भेजा.
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब राज्य खाद्य एवं औषधि नियामक प्रशासन अनधिकृत सौंदर्य प्रसाधन निर्माण और पुनर्पैकेजिंग के खिलाफ प्रवर्तन को तेज कर रहा है.
विभाग ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने कहा, “Government इस तरह की गतिविधियों के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता’ का दृष्टिकोण अपनाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रखेगी.”
इसके अलावा, Ahmedabad सिटी क्राइम ब्रांच और एफडीसीए ने नकली रक्तचाप की दवाओं के निर्माण, खरीद और वितरण में कथित रूप से शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें Ahmedabad और Lucknow से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
यह जांच तब शुरू हुई, जब अंकलेश्वर स्थित एक दवा कंपनी ने एफडीसीए को निकार्डिया रिटार्ड 10 के नकली संस्करणों के बारे में सतर्क किया, जो उच्च रक्तचाप के लिए इस्तेमाल की जाने वाली निफेडिपाइन की एक सस्टेन्ड-रिलीज दवा है और बाजार में बेची जा रही है.
जांचकर्ताओं ने संदिग्ध नकली माल का पता Gujarat के मेडिकल स्टोरों और एजेंसियों से लगाया और Lucknow और jaipur के आपूर्तिकर्ताओं से इसके संबंध की पहचान की.
जांच के अनुसार, नाडियाड के किशन मेडिकल स्टोर से संदिग्ध नकली दवा की तीस स्ट्रिप्स बरामद की गईं जबकि भुज के नवकार मेडिकल एजेंसी और महादेव मेडिकल एजेंसी से भी अतिरिक्त स्टॉक बरामद किया गया.
कच्छ से होने वाली इस सप्लाई का संबंध jaipur स्थित एवीआर मेडिकोस से बताया जा रहा है. गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान Ahmedabad निवासी 39 वर्षीय दशील संघवी, Lucknow निवासी 39 वर्षीय देवेंद्र यादव और 34 वर्षीय उमंग रस्तोगी के रूप में हुई है. मामले की जांच जारी है और अपराध शाखा में मामला दर्ज कर लिया गया है.
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एसएचके/पीएम
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