
गांधीनगर, 28 अक्टूबर . Gujarat प्रशासन ने ‘सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर’ (सीईआईआर) पोर्टल के जरिए खोए या चोरी हुए 50.75 प्रतिशत मोबाइल फोन बरामद किए हैं. इस उपलब्धि के साथ देश के अधिक आबादी वाले राज्यों की सूची में Gujarat दूसरे स्थान पर है. इस मामले में Gujarat सिर्फ आंध्र प्रदेश से पीछे है.
राज्य Government के अनुसार, इस सिस्टम के जरिए Gujarat में अब तक कुल 2,38,533 मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए गए हैं. इनमें से 1,47,427 हैंडसेट को ट्रेस कर लिया गया है, जबकि 74,823 हैंडसेट उनके असली मालिकों को वापस लौटा दिए गए हैं.
यह रिकवरी रेट, 37.4 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है. अक्टूबर 2025 में Gujarat का प्रदर्शन 41 प्रतिशत था, जो अब बेहतर होकर पिछले साल के मुकाबले 9.75 प्रतिशत अंक बढ़ गया है.
दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित सीईआईआर पोर्टल की मदद से खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रेस किया जा सकता है. इससे फोन के गलत इस्तेमाल को रोकने में मदद मिलती है और असली मालिकों को अपना फोन वापस पाने में आसानी होती है.
इस सिस्टम को लागू करने में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को सम्मानित करने के लिए दूरसंचार विभाग के Gujarat लाइसेंस सर्विस एरिया (एलएसए) ने Gujarat Police के साथ मिलकर 27 अक्टूबर को एक कार्यक्रम आयोजित किया. इस कार्यक्रम में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों के नोडल अधिकारियों को सम्मानित किया गया.
वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (1 अप्रैल से 30 सितंबर तक) के प्रदर्शन के आधार पर Gujarat में आनंद जिला पहले, डांग जिला दूसरे और Ahmedabad शहर तीसरे स्थान पर रहा.
आनंद के साइबर सेल के Police इंस्पेक्टर जयमिन डोडिया ने पहला स्थान हासिल किया. डांग की लोकल क्राइम ब्रांच के Police सब-इंस्पेक्टर जे.जी. अनादका दूसरे स्थान पर रहे, जबकि Ahmedabad शहर के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर भावेशकुमार विष्णुप्रसाद और Police constable हार्दिकसिंह जयंतीलाल ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया.
पोर्टल को लागू करने और खोए या चोरी हुए हैंडसेट को ट्रेस करने के उनके काम के लिए इन अधिकारियों को शील्ड और प्रशंसा प्रमाण पत्र दिए गए.
इस कार्यक्रम में सीआईडी क्राइम और रेलवे के Police महानिदेशक डॉ. के.एल.एन. राव और दूरसंचार विभाग के Gujarat एलएसए के अतिरिक्त महानिदेशक गिरीश कटारिया मौजूद थे.
यह पहल Gujarat Police और दूरसंचार विभाग के बीच आपसी तालमेल पर आधारित है, जिसका मकसद खोए हुए डिवाइस की पहचान करना और उन्हें ट्रेस करना है. चोरी हुए हैंडसेट को ब्लॉक करने से उनके आगे के इस्तेमाल को रोकने में मदद मिल सकती है, जबकि रिकवरी प्रक्रिया के जरिए मालिक अपने फोन वापस पा सकते हैं.
राज्य Government ने कहा कि इस समन्वित प्रयास से नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने, खोए या चोरी हुए मोबाइल उपकरणों के दुरुपयोग को रोकने और साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं पर लगाम लगाने में मदद मिल रही है.
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एससीएच/डीकेपी
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