गुजरात: दिवाली से पहले अहमदाबाद में 40,500 किलो मावा की बिक्री पर रोक

Ahmedabad, 28 अक्टूबर . दिवाली से पहले निरीक्षण के दौरान Ahmedabad नगर निगम (एएमसी) ने गोमतीपुर क्षेत्र के एक कोल्ड स्टोरेज में रखे लगभग 60.75 लाख रुपए मूल्य के 40,500 किलोग्राम मावा की बिक्री निलंबित कर दी है.

नगर निगम के स्वास्थ्य एवं खाद्य विभाग ने मिठाई की मौसमी मांग में वृद्धि के मद्देनजर खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच के अभियान के तहत कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण किया.

कोल्ड स्टोरेज में लगभग 60 विक्रेताओं का लगभग 1,02,000 किलोग्राम मावा रखा था, जिसमें से लगभग 80 प्रतिशत स्टॉक 15 प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं का था.

सबसे अधिक मात्रा राधिका फूड प्रोडक्ट्स के पास पाई गई, जिसने राजवाड़ी स्वीट (बजरंगी) और इंडियन डेजर्ट (नीलकंठ) ब्रांड नामों के तहत 30 किलो के 1,380 बोरे भंडारित किए थे.

नगर निगम ने बताया कि 40,500 किलो के इस स्टॉक को बिक्री से रोक दिया गया है क्योंकि इस पर बैच नंबर और समाप्ति तिथि अंकित नहीं थी. विभाग ने इसका अनुमानित बाजार मूल्य 60.75 लाख रुपए है.

विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत हसमुखभाई मावावाला, तुलसी मावा सेंटर, राजवाड़ी स्वीट (बजरंगी), इंडियन डेजर्ट (नीलकंठ), पुरोहित मावावाला और एस के मावावाला की फर्मों से मावा के छह नमूने भी एकत्र किए हैं. इन नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है.

एएमसी ने कहा कि अन्य विक्रेताओं से भी नमूने उनकी उपस्थिति में एकत्र किए जाएंगे. ये निरीक्षण त्योहारों के मौसम में बिकने वाली मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों को लेकर उठ रही चिंताओं के मद्देनजर किए जा रहे हैं.

नगर निगम ने कहा कि पेड़े या अन्य उत्पाद बनाने के लिए मावा के स्थान पर तैयार मिठाइयों का उपयोग करने से उनकी सामग्री, मिठास और स्वाद बदल सकता है.

इसमें यह चेतावनी भी दी गई कि मावा का उपयोग न किए जाने पर भी मिठाई को मावा-आधारित उत्पाद बताकर बेचना उपभोक्ताओं को उसकी संरचना के बारे में गुमराह कर सकता है.

अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धाराओं का हवाला दिया. ये धाराएं खाद्य व्यवसाय संचालकों की जिम्मेदारियों, ग्राहक द्वारा मांगे गए भोजन से भिन्न भोजन की बिक्री और गलत लेबल वाले भोजन से संबंधित हैं.

उन्होंने आगे कहा कि किसी विशेष दुकान या उत्पाद के खिलाफ कार्रवाई केवल संदेह के आधार पर नहीं, बल्कि प्रासंगिक जानकारी और आवश्यक जांच के आधार पर होनी चाहिए.

एएमसी ने कहा कि त्योहारी मौसम के दौरान निरीक्षण और नमूना संग्रह जारी रहेगा. खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर अधिनियम और लागू नियमों एवं विनियमों के तहत जुर्माना या सील लगाने का सामना करना पड़ सकता है.

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एमएस/