
नवसारी, 8 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Tuesday को Gujarat के नवसारी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अपने Chief Minister कार्यकाल की एक भावुक घटना साझा की. उन्होंने बताया कि Gujarat के Chief Minister रहते हुए उन्होंने एक गरीब आदिवासी परिवार की बच्ची को स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया था और वर्षों बाद वही बच्ची उनसे नर्स बनकर मिली.
Prime Minister ने कहा कि Chief Minister बनने के शुरुआती वर्षों में वह ‘कन्या केलवाणी अभियान’ के तहत गांव-गांव जाकर बेटियों को स्कूल पहुंचाने और उनके माता-पिता को शिक्षा के लिए प्रेरित करते थे.
उन्होंने कहा, “13, 14 और 15 जून को 44 डिग्री की भीषण गर्मी में मैं गांवों में जाता था. उस समय कई गांवों में चौबीसों घंटे बिजली भी नहीं होती थी और पंखे तक नहीं थे. मैं छोटी-छोटी बेटियों का हाथ पकड़कर उन्हें स्कूल छोड़ने जाता और उनके माता-पिता से कहता कि अपनी बेटियों को जरूर पढ़ाइए.”
पीएम मोदी ने कहा कि उस समय यह काम ऐसा था जिसे न अखबारों में ज्यादा जगह मिलती थी और न ही टीवी पर कोई विशेष कवरेज.
उन्होंने बताया कि वर्षों बाद जब वह उन्हीं गांवों में लौटे तो वे बच्चियां बड़ी हो चुकी थीं. “वे पुरानी तस्वीरें लेकर मेरे पास आती हैं और कहती हैं, ‘सर, आप मुझे स्कूल छोड़ने गए थे और आज मैं नर्स बन गई हूं. अब मैं पढ़ाई के अंतिम वर्ष में हूं.’”
Prime Minister ने कहा कि ऐसे पल उन्हें सार्वजनिक जीवन के वर्षों की गिनती से कहीं अधिक संतोष देते हैं. उन्होंने कहा कि किसी गरीब, वनवासी और आदिवासी परिवार की बेटी का 18-20 साल बाद सफलता के साथ मिलना उनके जीवन की सबसे बड़ी संतुष्टि है.
उन्होंने कहा कि लगातार सेवा भाव से किया गया काम कई बार वर्षों बाद परिणाम देता है और लोगों का आशीर्वाद ही नई ऊर्जा और प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बनता है. पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति, Government और सार्वजनिक पद का अंतिम उद्देश्य नागरिकों की सेवा करना होना चाहिए.
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डीएससी
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