गुजरात के सीएम ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग में मतभेद के कांग्रेस के दावे को खारिज किया

गांधीनगर, 27 सितंबर . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Sunday को कहा कि चुनाव आयोग के इस स्पष्टीकरण से कि मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) पर तीनों चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया था, चुनाव आयोग के भीतर मतभेद के कांग्रेस के आरोपों का खंडन होता है.

गांधीनगर स्थित राज्य भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त संस्था है और देश में चुनाव पारदर्शी प्रक्रिया से कराए जाते हैं.

पटेल ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि एसआईआर से संबंधित सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे, यह साबित करता है कि चुनाव आयोग के भीतर मतभेद के आरोप पूरी तरह निराधार हैं.

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सही ढंग से शामिल हों और वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.

नए मतदाताओं के पंजीकरण का जिक्र करते हुए पटेल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए फॉर्म 6 को उपयुक्त माना था और चुनाव आयोग ने कहा था कि यह सुनिश्चित करने के लिए सावधानी बरती जा रही है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे.

Chief Minister पटेल ने कांग्रेस पर चुनावी परिणामों के आधार पर चुनाव आयोग पर अलग-अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने चुनाव जीतने पर लोकतंत्र और चुनाव आयोग की निष्पक्षता की बात की, लेकिन Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में भाजपा को जनादेश मिलने पर ‘वोट चोरी’ और अनियमितताओं के आरोप लगाए.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी, सीपीआई (एम) और तृणमूल कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देते हुए Supreme Court का रुख किया था.

पटेल के अनुसार, Supreme Court ने सभी पक्षों की बात सुनी और एसआईआर प्रक्रिया को उचित माना.

केरल का जिक्र करते हुए पटेल ने कहा कि कांग्रेस ने खुद एसआईआर को उचित माना था और कहा था कि इस प्रक्रिया ने वहां उसकी जीत में योगदान दिया.

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की मांग के बाद Supreme Court ने चुनावों के लिए एक विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया था.

पटेल ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की लंबे समय तक सत्ता से अनुपस्थिति पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी से सवाल किया और कहा कि पार्टी वहां 40 वर्षों से सत्ता से बाहर है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 1990 से उत्तर प्रदेश और बिहार में अपनी Political स्थिति खो दी है.

पश्चिम बंगाल की मतदाता सूचियों का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध रूप से जोड़े गए नामों को हटा दिया गया और फर्जी मतदाताओं का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद भाजपा ने चुनाव जीता.

Chief Minister ने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों ने अपने कार्यकाल के दौरान चुनाव आयोग की स्वायत्तता को सीमित किया था, वे अब इस संस्था पर निराधार आरोप लगा रहे हैं.

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एमएस/