गुजरात के चार जिले सूखाग्रस्त घोषित, फसल सहायता और 150 दिनों के ग्रामीण रोजगार की भी घोषणा

गांधीनगर, 26 अक्टूबर . Gujarat Government ने कम और विलंबित वर्षा के कारण देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, कच्छ और जामनगर जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कर प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति सहायता, रियायती चारे और ग्रामीण निवासियों के लिए 150 दिनों के रोजगार की घोषणा की है.

Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में कृषि मंत्री जीतू वाघानी की उपस्थिति में इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य ने केंद्र Government की ‘सूखा आकलन नियमावली, 2016’ के तहत आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया है और चार जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने से पहले उच्च स्तरीय बैठकें की हैं.

हालांकि, Gujarat में इस वर्ष औसत वर्षा का लगभग 89 प्रतिशत प्राप्त हुआ है, लेकिन इन चार जिलों में कम वर्षा दर्ज की गई है, जिसके कारण Government ने किसानों और पशुपालकों के लिए राहत उपायों की घोषणा की है. ये निर्णय 1 नवंबर, 2026 से प्रभावी होंगे.

सहायता पैकेज के तहत चार जिलों में फसल क्षति से प्रभावित किसानों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के मानदंडों के अनुसार प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपए मिलेंगे, जिसकी अधिकतम सीमा दो हेक्टेयर है.

Government ने ग्रामीण निवासियों की सहायता के लिए सूखा प्रभावित तालुकों में वीबी-जीरामजी (विकसित India – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) की गारंटी) योजना के तहत 150 दिनों का रोजगार प्रदान करने का भी निर्णय लिया है.

यह घोषणा पशु शिविरों में रखे गए पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने और वित्तीय सहायता प्रदान करने के उपायों के साथ की गई है.

सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा, “Government ने विलंबित वर्षा से उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों का अनुमान लगाया था और जिलों को औपचारिक रूप से सूखा प्रभावित घोषित करने से पहले ही अग्रिम तैयारियां शुरू कर दी थीं.”

अब तक लगभग 1.21 करोड़ किलोग्राम चारा दो रुपए प्रति किलोग्राम की दर से वितरित किया जा चुका है. राज्य में वर्तमान में तीन करोड़ किलोग्राम चारा उपलब्ध है, और अतिरिक्त स्टॉक की खरीद की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

सूखाग्रस्त घोषित तालुकों में पशु शिविरों में रखे गए पशुओं के लिए, Government एसडीआरएफ से दो महीने तक प्रति पशु प्रतिदिन 80 रुपए की सहायता प्रदान करेगी. इसके बाद इस सहायता को जारी रखने का खर्च राज्य Government वहन करेगी.

पटेल ने कहा कि Prime Minister मोदी के मार्गदर्शन में Government ने किसानों और पशुपालकों के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी है. Government ने अतीत में भी कठिन समय में किसानों का साथ दिया है. वर्तमान स्थिति में भी हम पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़े हैं और भविष्य में किसी भी संकट की स्थिति में किसानों और पशुपालकों को जो भी सहायता चाहिए होगी, उसे प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.

Government ने आगामी रबी मौसम के लिए अपनी सिंचाई योजनाओं की रूपरेखा भी तैयार कर ली है, साथ ही वर्षा को लेकर चिंताओं के मद्देनजर पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता दी है. वर्तमान खरीफ मौसम में, मांग के आधार पर 44 बांधों के कमांड क्षेत्रों में सिंचाई का पानी पहुंचाया गया.

Government के अनुसार, राज्य के 206 प्रमुख बांधों में वर्तमान में उनकी क्षमता का 66 प्रतिशत जल भंडार है.

रबी सीजन के लिए, 76 बांधों के कमांड क्षेत्रों में सिंचाई के लिए जल आपूर्ति की योजना बनाई गई है. पेयजल को प्राथमिकता दी गई है. इसके लिए 30 जून, 2027 तक जल आरक्षित रखा गया है. सिंचाई योजना में उत्तरी Gujarat के 11 बांध (धरोई और दांतीवाड़ा), मध्य Gujarat के 12 बांध (करजन और पनाम) और दक्षिणी Gujarat के नौ बांध (उकाई, काकरापार और दमंगंगा) शामिल हैं.

इसके अलावा, शेतरुंजी, ब्राह्मणी और माछू सहित 39 बांधों और कच्छ क्षेत्र के पांच बांधों के लिए भी सिंचाई की योजना बनाई गई है. जल की उपलब्धता के आधार पर, Government रबी सीजन के दौरान चिन्हित बांधों से एक से चार सिंचाई चक्रों तक जल उपलब्ध कराने की योजना बना रही है.

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एएसएच/एबीएम