
Ahmedabad, 27 सितंबर . Gujarat Police ने भारतीय राष्ट्रीय जनता दल (बीएनजेडी) और उसके चार पदाधिकारियों के खिलाफ 1,143.85 करोड़ रुपए के फर्जी Political चंदे के घोटाले में आपराधिक मामला दर्ज किया है. इस घोटाले में 56,238 दानदाताओं को चंदा दिया गया था. आयकर विभाग का अनुमान है कि सरकारी खजाने को लगभग 343 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.
आयकर अधिकारियों की शिकायतों के आधार पर सीआईडी क्राइम के गांधीनगर जोन ने 25 सितंबर को First Information Report दर्ज की.
इस मामले में बीएनजेडी अध्यक्ष सुरेंद्रकुमार गजेरा, महासचिव विपुल सोलंकी, कोषाध्यक्ष रौनकसिंह चावड़ा और चार्टर्ड अकाउंटेंट-सह-ऑडिटर आदिल सैयद के साथ-साथ पार्टी के सदस्य भी नामजद हैं.
ये आरोप अभी तक अदालत द्वारा सिद्ध नहीं हुए हैं. आयकर विभाग की शिकायत के अनुसार, कथित लेन-देन वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2024-25 के बीच हुए.
आरोप है कि करदाताओं ने आरटीजीएस सहित बैंकिंग चैनलों के माध्यम से पार्टी को धन हस्तांतरित किया और उन्हें दान रसीदें जारी की गईं, जिससे वे आयकर अधिनियम के तहत Political दलों को दिए गए अंशदान पर उपलब्ध कटौतियों का दावा कर सके.
जांचकर्ताओं का आरोप है कि बाद में ये धनराशि पार्टी के खातों से जे ट्रेडिंग, काजल एंटरप्राइजेज और परमार एसोसिएट्स जैसी मध्यस्थ फर्मों को हस्तांतरित कर दी गई.
खाद्यान्न, दालों और अन्य वस्तुओं की खरीद दर्शाने वाले फर्जी बिल और चालान कथित तौर पर हस्तांतरणों का हिसाब देने के लिए तैयार किए गए थे, जिसके बाद नकद में धन निकाला गया.
शिकायत में आरोप है कि 2 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक कमीशन रखा गया और शेष राशि अंगड़िया चैनलों और हवाला नेटवर्क के माध्यम से मूल दानदाताओं को लौटा दी गई.
आयकर विभाग का अनुमान है कि इस व्यवस्था के परिणामस्वरूप लगभग 343 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष कर नुकसान हुआ.
शिकायत में आगे आरोप है कि फर्जी लेखा अभिलेख और फॉर्म 24ए में अंशदान रिपोर्ट तैयार करके चुनाव आयोग को प्रस्तुत की गई, जिसमें कथित लेनदेन को वास्तविक Political दान के रूप में दिखाया गया.
First Information Report में गजेरा को कथित मुख्य आरोपी और इस ऑपरेशन का मुख्य सूत्रधार बताया गया है. जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने नेटवर्क की निगरानी की और कमीशन दरें निर्धारित कीं.
सोलंकी पर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से दानदाताओं के विवरण का समन्वय करने और हस्ताक्षरित दान रसीदें जारी करने का आरोप है.
आयकर विभाग द्वारा की गई तलाशी में चावड़ा से जुड़े परिसरों से लेनदेन के रिकॉर्ड और डिजिटल संचार बरामद किए गए.
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जांचकर्ताओं को कमीशन की कटौती के बाद अंगड़िया चैनलों के माध्यम से धन के लेन-देन से संबंधित बिचौलियों के साथ हुई चैट मिलीं. शिकायत पर एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि तलाशी के दौरान लगभग 2.91 लाख रसीदें बरामद की गईं.
पार्टी के चार्टर्ड अकाउंटेंट और ऑडिटर सैयद की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
शिकायत में आरोप है कि उन्होंने पार्टी के खातों का ठीक से सत्यापन किए बिना, उसके कार्यालय का दौरा किए बिना, या वास्तविक लेन-देन की जांच किए बिना ऑडिट रिपोर्ट तैयार की और उन पर डिजिटल हस्ताक्षर किए.
आयकर विभाग ने नवंबर 2025 में गांधीनगर स्थित बीएनजेडी कार्यालय और उसके पदाधिकारियों से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली थी.
Police के अनुसार, बाद की जांच के आधार पर ही आपराधिक शिकायत दर्ज की गई.
यह मामला भारतीय न्याय संहिता क धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, जालसाजी और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल से संबंधित हैं.
बीएनजेडी एक पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त Political दल है और इसने Gujarat में चुनाव लड़ा है. सार्वजनिक रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है कि इसने पिछले वर्षों में अपने दस्तावेजों में पर्याप्त चंदा दिखाया है.
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एमएस/
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