गारंटी योजनाओं की लागत से 10 गुना ज्यादा वसूल रही है कर्नाटक सरकार: प्रल्हाद जोशी

New Delhi/Bengaluru, 4 नवंबर . Union Minister प्रल्हाद जोशी ने कर्नाटक की कांग्रेस Government पर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया है कि मुफ्त गारंटी देने का दावा करते हुए बार-बार मूल्य वृद्धि करके Government कभी समृद्ध रहे राज्य को आर्थिक पतन की ओर धकेल रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक Government अब कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (केएसआरटीसी) और Bengaluru मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (बीएमटीसी) सहित सभी चार राज्य परिवहन निगमों को गंभीर वित्तीय संकट में धकेल रही है.

जोशी ने दावा किया कि परिवहन निगमों की स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें अपनी बसों के लिए डीजल खरीदने के लिए भी धन जुटाने में कठिनाई हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि गारंटी योजनाओं के तहत हजारों करोड़ रुपए के लंबित भुगतान जमा करके Government ने निगमों को वित्तीय घाटे में धकेल दिया है.

उन्होंने चिंता व्यक्त की कि राज्य परिवहन निगम कांग्रेस के साढ़े तीन साल के शासनकाल में घाटे में चले गए.

कर्नाटक Government पर राज्य की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए जोशी ने कहा कि उसने अपनी योजनाहीनता और प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ा दी हैं. उन्होंने कहा कि दूध, दही और घी की कीमतें बढ़ाने के बाद, Government ने अब बस किराए में भारी वृद्धि कर दी है, जिससे आम जनता को बार-बार आघात पहुंचा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि Government ने जन कल्याण की उपेक्षा करते हुए आर्थिक रूप से मजबूत और समृद्ध राज्य को आर्थिक पतन की ओर धकेल कर कुशासन का प्रदर्शन किया है.

जोशी ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस Government के सत्ता में आने के बाद से कर्नाटक में विकास ठप्प हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों को करने और राज्य के खजाने को मजबूत करने के बजाय, Government ने खजाने को खाली कर दिया है.

उन्होंने कहा कि नंदिनी दूध, दही और घी की कीमतें बढ़ाने के कुछ ही दिनों के भीतर, Government ने मनमाने ढंग से बस किराए बढ़ा दिए, जिससे गरीब लोगों, छात्रों और कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है.

गारंटी योजनाओं के पीछे के तर्क पर सवाल उठाते हुए जोशी ने पूछा कि यह कैसी गारंटी है जब Government एक तरफ मुफ्त सेवाएं देने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ आवश्यक वस्तुओं और रोजमर्रा की सेवाओं की कीमतें बढ़ा रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक Government मुफ्त लाभ देने का दावा तो कर रही है, लेकिन लगातार मूल्य वृद्धि के जरिए लोगों की जेब से दस गुना अधिक लागत वसूल रही है.

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एमएस/