
New Delhi, 4 नवंबर . India और इंडोनेशिया के विशेष बलों ने जंगल के चुनौतीपूर्ण माहौल में अपनी युद्धक क्षमता, सटीक कार्रवाई और आपसी तालमेल का प्रदर्शन किया. दोनों देशों के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘गरुड़शक्ति-2026’ के नौवें दिन यह कार्रवाई की गई. अभ्यास के तहत दोनों देशों के कमांडो ने दुश्मन से मुठभेड़ की स्थिति में सामरिक अभ्यास किए.
इसके साथ ही दोनों सेनाओं के पैराशूट कमांडो ने एक साथ फ्री फॉल छलांग लगाकर हवाई अभियानों में आपसी तालमेल और एक-दूसरे के उपकरणों पर भरोसे को मजबूत किया. अभ्यास के 48 घंटे के अंतिम सत्यापन चरण में भारतीय सेना और इंडोनेशियाई सेना के विशेष बलों ने कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में हिस्सा लिया. इसमें घायल सैनिकों को युद्धक्षेत्र में तत्काल चिकित्सा सहायता देने का अभ्यास करना भी शामिल रहा.
दुश्मन की गतिविधियों और उसके रास्तों का पता लगाने के लिए युद्धक ट्रैकिंग तथा दुश्मन से आमने-सामने संपर्क होने पर तत्काल जवाबी कार्रवाई के अभ्यास किए गए. इन गतिविधियों को जंगल के कठिन और चुनौतीपूर्ण इलाके में अंजाम दिया गया. इस अभ्यास का उद्देश्य एक-दूसरे के उपकरणों, युद्धक रणनीतियों और तय संचालन प्रक्रियाओं के प्रति विश्वास बढ़ाना था.
इसके जरिए दोनों सेनाओं ने हवाई अभियानों के दौरान बेहतर तालमेल का प्रदर्शन किया. ये संयुक्त अभ्यास भविष्य में उन्नत हवाई अभियानों और विशेष सैन्य अभियानों के दौरान दोनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय की नींव तैयार कर रहे हैं. साथ ही, गरुड़शक्ति-2026 India और इंडोनेशिया के विशेष बलों को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता और आपसी विश्वास मजबूत करने का अवसर दे रहा है.
गौरतलब है कि India और इंडोनेशिया के विशेष बल इन दिनों पूर्वी जावा के दुर्गम और घने जंगलों में अपनी युद्धक क्षमता परख रहे हैं. दोनों देशों के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास में 48 घंटे से अधिक समय का विशेष प्रशिक्षण चल रहा है. यहां जवान बीते एक सप्ताह के दौरान सीखे गए सैन्य कौशल और प्रशिक्षण का वास्तविक परिस्थितियों में प्रदर्शन कर रहे हैं. इस अंतिम अभ्यास में भारतीय सेना और इंडोनेशियाई सेना के विशेष बलों के जवान एक साथ मिलकर चुनौतीपूर्ण अभियान संचालित कर रहे हैं.
इसके तहत निशानेबाजी, पर्वतीय युद्ध कौशल, हेलीकॉप्टर के जरिए सैनिकों को निर्धारित स्थान पर उतारने, गश्त लगाने और दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाने जैसे कौशल परखे जा रहे हैं. अभ्यास के दौरान जवान वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं. घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच वे एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर काम कर रहे हैं. इस दौरान उनकी शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति, सामरिक समन्वय और दबाव में तुरंत सही निर्णय लेने की क्षमता को भी परखा जा रहा है.
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जीसीबी/एसके
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