गंगा, कोसी, गंडक समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर

Patna, 8 सितंबर . बिहार में गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है. जलस्तर में अलग-अलग स्थानों पर वृद्धि और गिरावट के बीच निचले इलाकों में बाढ़ का संकट गंभीर बना हुआ है. जल संसाधन विभाग के Tuesday की सुबह छह बजे के आंकड़ों के मुताबिक, कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से एक से करीब तीन मीटर तक ऊपर बह रही हैं.

पुनपुन नदी की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है. श्रीपालपुर में नदी का जलस्तर 53.55 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 50.60 मीटर से 2.95 मीटर ऊपर है. यहां जलस्तर बढ़ने का रुझान जारी है. बूढ़ी गंडक भी खगड़िया में खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है. यहां जलस्तर 38.56 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 36.58 मीटर है. नदी यहां 1.98 मीटर ऊपर बह रही है और जलस्तर बढ़ रहा है.

गंगा नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर है. दीघा घाट में जलस्तर 51.54 मीटर, गांधी घाट में 50.31 मीटर और हाथीदह में 43.41 मीटर दर्ज किया गया. इन स्थानों पर नदी क्रमश: 1.09 मीटर, 1.71 मीटर और 1.65 मीटर खतरे के निशान से ऊपर है. हालांकि Patna और हाथीदह के इन स्थानों पर जलस्तर में गिरावट का रुझान है. वहीं, गंगा के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ रहा है. मुंगेर में गंगा 40.08 मीटर, भागलपुर में 34.60 मीटर और कहलगांव में 32.77 मीटर पर बह रही है. इन स्थानों पर नदी खतरे के निशान से क्रमश: 0.75 मीटर, 0.92 मीटर और 1.68 मीटर ऊपर है.

कोसी नदी बलतारा में 35.15 मीटर और कुरसेला में 31.40 मीटर पर है. दोनों स्थानों पर नदी खतरे के निशान से ऊपर है और जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है. बलतारा में कोसी खतरे के निशान से 1.30 मीटर और कुरसेला में 1.40 मीटर ऊपर है. गंडक नदी भी डुमरिया घाट और हाजीपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. डुमरिया घाट में जलस्तर 62.75 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान से 0.53 मीटर ऊपर है. हालांकि यहां जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है.

दूसरी तरफ बागमती नदी मुजफ्फरपुर में 48.93 मीटर पर है, जो खतरे के स्तर से 0.25 मीटर ऊपर है. यहां जलस्तर फिलहाल स्थिर है. वहीं घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. जल संसाधन विभाग के अनुसार, प्रमुख बैराजों से पानी के डिस्चार्ज में फिलहाल गिरावट का रुझान है. बीरपुर बैराज से कोसी का डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज 1,77,880 क्यूसेक, वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक का 1,04,400 क्यूसेक और इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी का 1,02,574 क्यूसेक दर्ज किया गया.

उधर, नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण राज्य के 13 जिलों के 77 प्रखंडों की 438 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत करीब 29.13 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है. प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत सामग्री, भोजन और पेयजल उपलब्ध कराने का काम जारी है.

अधिकारियों की ओर से तटबंधों और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है. खासकर गंगा, कोसी, बूढ़ी गंडक और पुनपुन के बढ़ते जलस्तर वाले इलाकों में प्रशासन को सतर्क रखा गया है.

एमएनपी/पीएम