खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान में पाकिस्तान ने लगाई धारा 144

इस्लामाबाद, 14 अक्टूबर . खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान जिले में स्थानीय प्रशासन ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी है, जिसके तहत 11 नवंबर तक सार्वजनिक समारोहों, रैलियों, जुलूसों और मोटरसाइकिल पर पीछे की सीट पर सवारी प्रतिबंधित है. Pakistanी मीडिया ने Wednesday को यह जानकारी दी.

Pakistan के प्रमुख अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जिला प्रशासन ने हथियार दिखाने और अपने कब्जे में रखने पर रोक लगा दी है. साथ ही, सार्वजनिक सड़कों, हाईवे और दूसरी सार्वजनिक जगहों पर टेंट, अस्थायी ढांचे और दूसरी रुकावटें खड़ी करने या इस्तेमाल करने पर भी पाबंदी लगाई गई है, क्योंकि इनसे ट्रैफिक रुक सकता है.

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने यह आदेश डेरा इस्माइल खान के जिला Police अधिकारी (डीपीओ) के अनुरोध पर जारी किया. डीपीओ ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति और इस बात का हवाला दिया कि सार्वजनिक सभाओं, जुलूसों और मार्च से लोगों की आवाजाही में रुकावट आ सकती है, और जरूरी सेवाओं व ट्रैफिक पर असर पड़ सकता है.

आदेश के मुताबिक, डेरा इस्माइल खान में ऐसी सार्वजनिक सभाओं, जमावड़ों, जुलूसों, रैलियों और मार्च पर रोक लगा दी गई है जिनसे सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो. डेरा इस्माइल खान में मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर सवारी करने पर भी रोक लगा दी गई है.

इस आदेश के तहत, अधिकारियों ने ऐसी किसी भी अन्य गतिविधि पर भी रोक लगा दी है जिससे लोगों की आवाजाही में रुकावट आए, ट्रैफिक या जरूरी सेवाएं रुकें, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा हो या सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बिगड़े. यह आदेश तुरंत लागू हो गया है और 11 नवंबर तक प्रभावी रहेगा.

यह ताजा आदेश Pakistan की संघीय Government द्वारा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करने के बाद आया है.

11 अक्टूबर को, Pakistan के President आसिफ अली जरदारी ने Prime Minister शहबाज शरीफ कैबिनेट की सिफारिशों के बाद आपातकाल को मंजूरी दी. इस कदम से Pakistan के पूर्व Prime Minister इमरान खान द्वारा बनाई गई पार्टी पीटीआई के नेतृत्व वाली प्रांतीय Government को निलंबित कर दिया गया और प्रांत में गवर्नर शासन लागू कर दिया गया.

इसके अलावा, संघीय Government ने खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों की तैनाती की घोषणा की. Pakistan के एक अन्य अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया जब पीटीआई संस्थापक इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही थी.

पीटीआई प्रवक्ता ज़ुल्फिकार बुखारी ने खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन लागू करने के Pakistan Government के फैसले की निंदा की और इसे “आपातकाल की आड़ में तख्तापलट” करार दिया.

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केआर/