खेती विरासत मिशन: पीएम मोदी ने जैविक और पारंपरिक कृषि के लिए पंजाब की संस्था के प्रयासों को सराहा

New Delhi, 25 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi ने जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली पंजाब की ‘खेती विरासत मिशन’ संस्था की प्रशंसा की है. उन्होंने कहा कि संस्था ने जैविक खेती और पारंपरिक कृषि के तौर-तरीकों को नया जीवन देना शुरू किया है.

Prime Minister Narendra Modi ने Sunday को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 139वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. उन्होंने पंजाब की इस संस्था की सराहना करते हुए कहा, “हमारे देश में ऐसे अनेक पारंपरिक हुनर हैं, जो पीढ़ियों से हमारी पहचान का हिस्सा रहे हैं और सुखद ये है कि अब इन परंपराओं से जुड़कर अनेकविध नए प्रयोग भी हो रहे हैं. इन्हें आज के समय के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है.”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में ऐसा ही एक प्रयास काफी समय से चल रहा है, यहां ‘खेती विरासत मिशन’ नाम की एक संस्था ने जैविक खेती और पारंपरिक कृषि के तौर-तरीकों को नया जीवन देना शुरू किया. इस टीम के लोग पंजाब के मालवा क्षेत्र में कपास की प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहते थे. इस पहल को ‘नव-त्रिन्जन’ नाम दिया गया.”

पीएम मोदी ने बताया कि इस पहल के तहत यहां बिना केमिकल का इस्तेमाल किए ऑर्गेनिक कपास उगाई जाती है. यहां प्राकृतिक रंगों वाली कपास भी उगाई जाती है, इससे तैयार धागे और कपड़े को रंगने के लिए अलग से केमिकल इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ती. उन्होंने कहा, “आप कल्पना कर सकते हैं, इससे पर्यावरण की कितनी बड़ी मदद हो रही है.”

Prime Minister ने यह भी बताया कि कुछ साल पहले ‘नव-त्रिन्जन’ ने एक बुनाई स्कूल भी शुरू किया. इसका लक्ष्य बुनकरी के हुनर को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है. इस स्कूल ने भी बहुत सारी महिलाओं की लोगों की जिंदगी बदल दी है.

उन्होंने पंजाब की रमनदीप कौर को इसकी मिसाल बताया. पीएम मोदी ने कहा, “रमनदीप कौर पहले मजदूर के रूप में काम करती थीं, लेकिन स्कूल में ट्रेनिंग के बाद आज उनकी पहचान एक कुशल बुनकर के तौर पर है. रेखा रानी ने ट्रेनिंग लेने से पहले कभी हैंडलूम देखा तक नहीं था. उनकी ओर से बनी गई शॉल India की President जी को भेंट की गई है.”

Prime Minister ने सुनेहा देवी की भी प्रशंसा की. उन्होंने बताया, “सुनेहा देवी पहले घरों में काम करती थीं, लेकिन आज वे हैंडलूम पर अद्भुत कपड़ा तैयार कर रहीं हैं. वहीं, रजनी कौर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “उन्होंने पहले खेतों में मजदूरी पर निर्भर थीं, अब नए हुनर से उन्हें घर चलाने में काफी मदद मिली है. स्कूल से ट्रेनिंग के बाद ऐसी अनेक महिलाएं अब स्वदेशी ऑर्गेनिक कपास से बने धागों का इस्तेमाल कर शॉल, तौलिए और दूसरे कपड़े तैयार कर रही हैं. इन प्रयासों से उनके जीवन में खुशहाली आ रही है.”

पीएम मोदी ने बताया कि कुछ महीने पहले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर उन्हें भी इस टीम से मिलने का अवसर मिला था. उस दौरान उन्होंने काम के प्रति उनके जुनून और समर्पण का अनुभव किया था.

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डीसीएच/