खामेनेई की हत्या ‘गलती’ थी, इससे हमारा हित नहीं सधा: इजरायली नेता यायर गोलान

New Delhi, 10 अक्टूबर . इजरायल की प्रमुख विपक्षी पार्टी ‘द डेमोक्रेट्स’ के नेता यायर गोलान ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या को ‘गलती’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि इससे इजरायल के राष्ट्रीय हितों को फायदा नहीं पहुंचा. उन्होंने Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू पर भी गंभीर सवाल खड़े किए.

social media प्लेटफॉर्म एक्स पर गोलान ने कहा, “मेरा स्पष्ट मानना है कि खामेनेई की हत्या एक गलती थी. ऐसा इसलिए नहीं कि वह मौत के हकदार नहीं थे, बल्कि इसलिए कि इससे इजरायल के हितों की पूर्ति नहीं होती.”

उन्होंने आगे लिखा, “खामेनेई को खत्म करना एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता था. लेकिन हमने एक बेहतरीन रणनीतिक मौका गंवा दिया.”

वर्तमान सत्ता को निशाने पर लेते हुए कहा, ” इजरायल की सुरक्षा पक्की करने वाली क्षेत्रीय कूटनीतिक पहल का नेतृत्व करने के बजाय स्थिति को संभालने के लिए कोई कूटनीतिक रणनीति नहीं बनाई.”

नतीजा यह हुआ कि अनुभवी नेतृत्व के हटने से ईरान के सुरक्षा ढांचे में सबसे ऊपर बैठे और भी ज्यादा कट्टर और हिंसक गुटों की ताकत बढ़ गई.

उनके अनुसार, “इस तरह एक ऐतिहासिक सैन्य कामयाबी एक गंभीर रणनीतिक विफलता में बदल जाती है. नेतन्याहू को उनके फैसलों और उनके बाद बनी स्थिति के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.”

गोलान ने ईरान की Government को सत्ता से हटाने के नेतन्याहू के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए. उन्होंने इस लक्ष्य को ‘अवास्तविक’ बताते हुए संकेत दिया कि सैन्य कार्रवाई के जरिए ईरान की मौजूदा सत्ता व्यवस्था को बदलने का प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकता.

बता दें, अली खामेनेई की 28 फरवरी को (संघर्ष के पहले दिन) अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में मौत हो गई थी. इन हमलों में कई अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारी भी मारे गए थे.

खामेनेई की जगह उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने ली. अली खामेनेई ने 2003 में परमाणु हथियारों के खिलाफ फतवा जारी किया था. उन्होंने तर्क दिया था कि परमाणु हथियार इस्लाम की शिक्षाओं के विरुद्ध हैं.

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केआर/