
चेन्नई, 24 सितंबर . तमिलनाडु में रेत और अन्य खनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों के लिए जल्द ही क्यूआर-कोड वाला ऑनलाइन परमिट जरूरी होगा. यह नया सिस्टम कागजी ट्रांजिट दस्तावेजों की जगह लेगा.
इसका मकसद जाली पास का इस्तेमाल कर हो रहे अवैध परिवहन को रोकना है, जिसमें बड़े और छोटे दोनों तरह के खनिज शामिल हैं.
प्राकृतिक संसाधन मंत्री डीके प्रभु ने कहा कि परमिट मिनरल मैनेजमेंट सिस्टम (एमआईएमएएस) पोर्टल के जरिए जारी किए जाएंगे और इसके लॉन्च होते ही मैनुअल पास बंद कर दिए जाएंगे. हालांकि विभाग ने अभी लॉन्च की तारीख का ऐलान नहीं किया है.
हर डिजिटल पास में ऐसी जानकारी होगी, जिसे परिवहन की जा रही मात्रा और खदान से मिलान करके जांचा जा सकेगा. अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे पूरे राज्य में शिपमेंट, रॉयल्टी और GST कलेक्शन पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी. वेटब्रिज को भी एमआईएमएएस से जोड़ा जाएगा, ताकि लोड की तुलना परमिट पर दर्ज मात्रा से की जा सके.
अधिकारियों ने परिवहन पर नजर रखने और ओवरलोड वाहनों को पकड़ने के लिए एक कंट्रोल रूम इस्तेमाल करने की योजना बनाई है. कुछ चूना पत्थर खदानों के वेटब्रिज पहले से ही पोर्टल से जुड़े हुए हैं और विभाग छोटे खनिजों का उत्पादन करने वाली साइटों को भी इसमें शामिल करने पर काम कर रहा है.
ये कदम खनन प्रशासन को खनन से लेकर परिवहन तक डिजिटल बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है. खनिज ले जाने वाले ट्रकों को 30 सितंबर तक जीपीएस डिवाइस लगाने का समय दिया गया है, जो उनकी यात्रा पर नजर रखने का एक और जरिया होगा. रेत लॉरी ऑपरेटरों ने ऑनलाइन दस्तावेज की तरफ बढ़ने के कदम का स्वागत किया है, लेकिन ठेकेदारों द्वारा फर्जी कागज देने पर जिम्मेदारी को लेकर चिंता भी जताई है.
तिरुवल्लूर जिले के में फर्जी ट्रांजिट पास और परमिट पर मिट्टी ले जा रहे लगभग 14 ट्रकों को हिरासत में लिया गया था और ड्राइवरों और वाहन मालिकों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे. ऑपरेटर चाहते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों पर सरकारी अधिकारी की पुष्टि हो, ताकि ड्राइवर और मालिक लोड स्वीकार करने से पहले उनकी वैधता की जांच कर सकें.
उन्होंने यह भी मांग की है कि क्रशर यूनिटों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वहां से भेजे जाने वाले खनिज नियमों का पालन करते हैं. लॉरी ऑपरेटरों ने विभाग से पत्थर खदानों के वेटब्रिज को पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने को भी कहा है.
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