‘खटारा बस परियोजना’ से ‘खटारा युवा नीति’ है मध्य प्रदेश सरकार की पहचान : जीतू पटवारी

Bhopal , 7 अक्टूबर . कांग्रेस की Madhya Pradesh इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य की मोहन यादव Government पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि खटारा बस परियोजना से खटारा युवा नीति राज्य Government की पहचान बन गई है. कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए प्रदेश की भाजपा Government पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने, रोजगार के नाम पर लगातार घोषणाएं करने, भर्ती परीक्षाओं में देरी और पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने तथा प्रदेश पर लगातार बढ़ता कर्ज डालने का गंभीर आरोप लगाया है.

पटवारी ने कहा कि इंदौर से उज्जैन जाते समय ‘Chief Minister सुगम बस सेवा’ की चलती बस में आग लगने की घटना ने Government की योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने ला दी है. जिस योजना को Government अपनी उपलब्धि बता रही थी, उसकी हालत ऐसी है कि चलती बस में आग लग रही है. अब प्रदेश में ‘खटारा बस परियोजना’ के बाद ‘खटारा युवा नीति’ और ‘खटारा Government’ की पहचान बन गई है. जब भी ‘खटारा Government’ की बात हो, तो जनता के सामने उस जलती हुई बस का दृश्य आना चाहिए.

पटवारी ने कहा कि Government ने अगले वर्ष को ‘युवा वर्ष’ मनाने की घोषणा की है और भारी बजट के साथ यूथ कॉन्क्लेव आयोजित किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम में Bollywood गायक जुबिन नौटियाल को 17 लाख रुपये देकर बुलाया गया लेकिन कार्यक्रम में युवाओं के लिए व्यवस्थाएं तक ठीक नहीं थीं. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान Police अधिकारियों द्वारा वहां पहुंचे युवाओं और बेटियों के साथ जिस तरह की बदसलूकी की गई, वह बेहद शर्मनाक है. युवाओं के बाल खींचकर उन्हें बाहर निकाला गया और इसकी तस्वीरें सामने आई है. ऐसी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार Police अधिकारी को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए.

जीतू पटवारी ने कहा कि Madhya Pradesh लोक सेवा आयोग में लगभग 1,500 से 1,600 पद खाली पड़े हैं लेकिन Government 100, 150 या पौने 200 पदों पर भर्ती निकालकर अपनी पीठ थपथपाती है. Chief Minister ने वर्ष में दो बार पीएससी परीक्षा कराने की घोषणा की है लेकिन सवाल यह है कि जब पद ही पर्याप्त संख्या में सृजित नहीं होंगे तो साल में दो बार परीक्षा कराने का औचित्य क्या है? उन्होंने कहा कि पूर्व में पीएससी परीक्षाओं के परिणाम आने में तीन-तीन साल तक लगते रहे हैं. युवाओं का भविष्य वर्षों तक परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति के बीच अटका रहा.

पटवारी ने कहा कि भाजपा Government अब आगामी वर्ष में एक लाख सरकारी नौकरियां देने की बात कर रही है लेकिन यही Government पहले 2.5 लाख और 5 लाख नौकरियां देने के दावे कर चुकी है. Government बताए कि पहले की घोषणाओं का क्या हुआ? उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वीकृत पदों के आधार पर लगभग 13 से 14 लाख पद होने चाहिए लेकिन वर्तमान में केवल लगभग 7.4 लाख पद भरे हुए हैं और 5 लाख से अधिक सरकारी पद खाली पड़े हैं. पिछले 20 वर्षों में केवल 59 हजार पद भरे गए हैं.

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है. प्रदेश की 17 सरकारी विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 86 से 87 प्रतिशत तक पद रिक्त हैं. Government युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार देने की बात करती है लेकिन जिन संस्थानों में उन्हें शिक्षा मिलनी है, वहां शिक्षक ही नहीं हैं. पटवारी ने कहा कि प्रदेश Government का कुल कर्ज बढ़कर लगभग 5.68 लाख करोड़ रुपये से 6.35 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया है. इस महीने भी Government करीब 6 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज ले रही है.

पटवारी ने कहा कि Madhya Pradesh भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों के लिए बदनाम हो चुका है. जिस प्रदेश में व्यापमं घोटाले ने देशभर में सवाल खड़े किए, वहां आज भी भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं में भरोसे का संकट बना हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापमं घोटाले में सजा पाने वाले अथवा जिनकी भूमिका पर सवाल उठे, ऐसे लोगों का प्रभाव आज भी सत्ता के गलियारों में दिखाई देता है और वे Government के महत्वपूर्ण सलाहकारों के रूप में बैठे हैं.

पटवारी ने कहा कि Madhya Pradesh का युवा अब सिर्फ भाषण और घोषणाएं नहीं चाहता. उसे रोजगार, पारदर्शी भर्ती, समय पर परीक्षा, समय पर परिणाम और वास्तविक नियुक्ति चाहिए. भाजपा Government को यह समझना होगा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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एसएनपी/पीएम