
कोलकाता, 20 सितंबर . दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों ने सीपीआई-एम के कई पार्टी दफ्तरों और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक देबराब्रता मजूमदार के घर व दफ्तर पर हमला किया और तोड़-फोड़ की.
कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (केएमसी) इलाके के छह वार्डों में सीपीआई-एम के दफ्तरों को निशाना बनाया गया. आरोप है कि इन हमलों के दौरान पार्टी का झंडा उतारकर जमीन पर फेंक दिया गया.
वार्ड नंबर 96 के लंबे समय से केएमसी पार्षद और पूर्व विधायक मजूमदार के घर और दफ्तर पर भी हमला किया गया और उनके परिवार के कुछ सदस्यों से मारपीट की गई. अभी यह साफ नहीं है कि इस घटना में कौन-कौन शामिल था.
सीपीआई(एम) के एक नेता के अनुसार, वार्ड संख्या 96, 99, 101, 102, 105 और 106 में पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई. बताया जा रहा है कि इनमें सबसे अधिक तनाव वार्ड संख्या 96 में था, जहां पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक के आवास और पार्टी कार्यालय के सामने स्थिति काफी तनावपूर्ण रही. इसके अलावा, इस वार्ड में स्थापित सीपीआई(एम) के शहीद स्मारक (मार्टियर्स अल्टर) को भी निशाना बनाकर हमला किया गया.
आरोप है कि बदमाशों ने तृणमूल के पूर्व विधायक के बड़े भाई को धमकाया और उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया. इस हमले के बाद मजूमदार के परिवार ने कहा, “हमने बार-बार Police को फोन करके घटना की जानकारी दी, लेकिन Police एक घंटे बाद आई.”
इसके अलावा, वार्ड नंबर 101 और वार्ड नंबर 105 में भी अशांति फैल गई. आरोप है कि वहां भी मारपीट हुई. तृणमूल के पूर्व पार्षद तरुण मंडल के दफ्तर में भी तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी. आरोप है कि यह बाइक गैंग न सिर्फ जादवपुर इलाके में, बल्कि दक्षिण 24 परगना जिले के नरेंद्रपुर में भी उपद्रव मचा रहा है.
इस घटना के बाद सीपीआई-एम और तृणमूल दोनों ने ही पूरी घटना में Police की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. भाजपा पर भी आरोप लगाए गए हैं, लेकिन पार्टी ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
मजूमदार ने कहा, “कम से कम 100 लोग आए और घर में तोड़फोड़ की. उन्होंने मेरे बड़े भाई को अपशब्द कहे. उन्हें धक्का दिया. उन्होंने मुझे भी अपशब्द कहे. मैंने अपने पूरे Political करियर में ऐसा कुछ कभी नहीं देखा. वे सभी भाजपा समर्थक हैं.”
एक सीपीआई एम कार्यकर्ता ने कहा, “उन्होंने पार्टी के झंडे फाड़ दिए. उन्होंने हमें अपशब्द कहे. वे हमसे यहां न आने के लिए कह रहे हैं. वे सभी भाजपा के हैं. वे पहले तृणमूल के साथ थे.”
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ओपी/
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