
कोलकाता, 22 अक्टूबर . उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में 17 सितंबर को हुई भगदड़ की घटना में भाजपा नेताओं के नाम आने पर राज्य Government में मंत्री दिलीप घोष ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि पूजा का आयोजन और जरूरी इंतजाम आयोजक ही करते हैं, ऐसे में किसी गतिविधि के बारे में अक्सर नेताओं को पता नहीं होता. साथ ही, घोष ने कहा कि अगर कोई जिम्मेदार है, तो उसकी पहचान की जानी चाहिए और उसे कानून के सामने लाया जाना चाहिए.
मंत्री दिलीप घोष ने Monday को अपने बयान में कहा, “”दुर्गा पूजा समारोहों में शामिल होने के लिए अक्सर Political नेताओं, जानी-मानी हस्तियों और मशहूर लोगों को जोड़ दिया जाता है. मुझे भी दो-तीन पूजा कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था.”
घोष ने आगे कहा, “पूजा का आयोजन और जरूरी इंतजाम आयोजक ही करते हैं. ऐसे में, अगर उनके भाषण या अन्य गतिविधियों के दौरान कुछ हो जाए, तो हो सकता है कि हमें इसका पता भी न चले, फिर भी हमारा नाम उस घटना से जुड़ जाता है. यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए. अगर कोई जिम्मेदार है, तो उसकी पहचान की जानी चाहिए और उसे कानून के सामने लाया जाना चाहिए. अब जब जांच शुरू हो गई है, तो सभी तथ्य सामने आने चाहिए.”
इसी बीच, दिलीप घोष ने कहा, “पूरे पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का जश्न बहुत उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. कल रावण के पुतले जलाए गए और हर तरफ पटाखों की आवाज सुनाई दे रही है. दीवाली भी आने वाली है, जब बड़े पैमाने पर पटाखे जलाए जाते हैं. ऐसी आशंका है कि कुछ लोग इन मौकों का फायदा उठाकर बम या डेटोनेटर से जुड़ी कोई घटना अंजाम दे सकते हैं. Government और Police इस स्थिति को लेकर बहुत गंभीर हैं.”
उन्होंने कहा, “पहले भी पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में डेटोनेटर, माइंस और अलग-अलग चीजों की विस्फोटक बनती थीं. पिछली Government ने इसकी अनदेखी करती थी. इसमें बहुत सारी दुर्घटनाएं हुईं और लोगों की जानें गईं. वर्तमान Government इससे गंभीरता के साथ निपट रही है, ताकि कोई घटना न घटे.”
सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “यह ‘जेन-जी’ मुद्दा एक बड़ा धोखा है. कुछ लोग इसका बहाना बनाकर अशांति फैलाते हैं. उनके कामों और गतिविधियों से उनके इरादे साफ हो रहे हैं, और यह भी स्पष्ट है कि उनके पीछे कौन है. देश और दुनिया भी अब इस बात को समझ गई है. इसलिए जो काम गैर-कानूनी हो तो उसका हिसाब होना चाहिए.”
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डीसीएच/
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