कोलकाता: काली पूजा से पहले 110 किलो प्रतिबंधित पटाखे बरामद, एक युवक गिरफ्तार

कोलकाता, 29 अक्टूबर . काली पूजा से पहले कोलकाता Police ने उत्तर कोलकाता में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 110 किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे जब्त किए हैं. इस मामले में एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है.

गुप्त सूचना के आधार पर बड़ाबाजार थाने की Police टीम ने Thursday तड़के 1 एनएस रोड स्थित एक परित्यक्त (खाली) भवन पर छापा मारा. कार्रवाई के दौरान वहां से अवैध पटाखों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया.

गिरफ्तार युवक की पहचान मोहम्मद तौफीक (19) के रूप में हुई है. Police ने उसके खिलाफ बिना लाइसेंस और अनुमति के पटाखे रखने के आरोप में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है.

कोलकाता Police के जासूसी विभाग (डिटेक्टिव डिपार्टमेंट) के अतिरिक्त आयुक्त कुणाल अग्रवाल ने कहा कि शहर में अवैध पटाखों की आवाजाही रोकने के लिए Police लगातार अभियान चला रही है.

Police के अनुसार, उप-निरीक्षक उत्तम कुमार हलदार के नेतृत्व में एक टीम रात करीब 1:45 बजे एनएस रोड इलाके में गश्त और तलाशी अभियान चला रही थी. इसी दौरान टीम ने परित्यक्त भवन की तलाशी ली.

तलाशी के दौरान Police को चार बड़े गत्ते के डिब्बों में पैक करीब 110 किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे मिले. पूरा माल जब्त कर लिया गया और तौफीक को मौके से गिरफ्तार कर बड़ाबाजार थाने ले जाया गया.

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन पटाखों को बिना किसी सरकारी लाइसेंस या अनुमति के भवन में रखा गया था. Police का कहना है कि घनी आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों वाले इलाके में इतने बड़े पैमाने पर पटाखों का भंडारण किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था.

मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.

जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जब्त किए गए पटाखे कहां से लाए गए थे और इनके भंडारण व वितरण में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं.

Police यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह खेप शहर में सक्रिय किसी बड़े अवैध पटाखा तस्करी नेटवर्क से जुड़ी तो नहीं है.

काली पूजा के नजदीक आने के साथ कोलकाता Police ने संकेत दिए हैं कि प्रतिबंधित पटाखों के भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए शहरभर में जांच और छापेमारी अभियान और तेज किए जाएंगे, ताकि त्योहार के दौरान किसी भी सुरक्षा खतरे को रोका जा सके.

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एएमटी/डीकेपी