
Patna, 3 नवंबर . Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोलते हुए Union Minister गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी देश में सिविल वॉर कराना चाहते थे; उनका मकसद था कि Police गोली चलाए और Government गिर जाए लेकिन उनका चेहरा बेनकाब हो गया. उन्होंने दावा किया कि इस साजिश में बाहरी ताकतों के साथ-साथ कट्टरपंथी तत्व, शाहीन बाग के लोग और दिल्ली यूनिवर्सिटी मुस्लिम स्टूडेंट्स संगठन के लोग शामिल थे.
Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए Union Minister गिरिराज सिंह ने कहा, एक कॉकरोच था और उसका भी चेहरा बेनकाब हो गया. ये लोग देश के अंदर अराजकता का माहौल बनाना चाहते थे. ये देश में सिविल वॉर कराना चाहते थे. ये चाहते थे कि देश के अंदर Police गोली चलाए. यही उनका मकसद रहा और इसका पर्दाफाश हुआ. इसमें बाहरी ताकतें भी लगी हुई थीं.
उन्होंने कहा कि अभी Mumbai से एक मामला सामने आया है, जिसमें कहा गया कि गैर-मुसलमानों की दुकानों को लूटा जाएगा और आग लगाई जाएगी. कौन थे ये लोग? यानी कट्टरपंथी तत्व भी इसमें घुस गए थे. जो पहली बार दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ, उसमें शाहीन बाग के लोग भी साथ थे.
उन्होंने कहा कि मुझे कहने में कोई परहेज नहीं है. किसी मुस्लिम संगठनों के लोगों ने इस बात को कहने में परहेज किया कि दिल्ली की पहली घटना में दिल्ली के कुछ मुस्लिम नवयुवकों का काफी योगदान रहा, जो कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे. ये देश के अंदर वही माहौल बनाना चाहते थे जो दुनिया के दूसरे देशों में देखने को मिला. चाहे फ्रांस हो, श्रीलंका हो, बांग्लादेश हो या नेपाल, वैसी स्थिति India में पैदा करने की साजिश थी. इसका खुलासा एक प्रतिष्ठित अमेरिकी न्यूज संस्थान ने भी किया.
उन्होंने कहा कि जब यह सब खुल गया, तो इनके टूल कौन बन गए? राहुल गांधी. आप याद कीजिए, वे नेता प्रतिपक्ष की तरह बात नहीं करते थे. वे कहते थे, “मोदी हट जाएगा, तीन महीने में हट जाएगा.” यानी उनके दिमाग में था कि कोई बड़ा आंदोलन होगा, सिविल वॉर होगा और Government हट जाएगी.
गिरिराज सिंह ने कहा कि अभी भी जिस ढंग से राहुल गांधी बात करते हैं, कहते हैं कि ‘मोदी को जेल जाना होगा, ज्ञानेश को जेल जाना होगा’. अरे, जो खुद बेल पर हों, वे दूसरे को जेल क्या भेजेंगे? खुद बेल पर हैं, पूरा परिवार बेल पर है. सारे लोग कानूनी मामलों में घिरे हुए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने 12 साल तक India की नागरिकता नहीं ली. India से कैसा प्रेम? राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता का केस लगा हुआ है. जिसके ऊपर दोहरी नागरिकता का मामला हो और जिनकी मां ने 12 साल तक नागरिकता न ली हो, उसका देशप्रेम क्या होगा? मैं तो यही प्रश्न खड़ा करता हूं.
उन्होंने कहा कि दूसरा प्रश्न यह है कि यह देश एक लोकतांत्रिक देश है. यह लोकतंत्र से चलेगा. यह गांधी का देश है, बुद्ध का देश है. यह अहिंसा का देश है. यहां हिंसा नहीं चलेगी. यहां संविधान और बाबा साहेब आंबेडकर के बनाए कानून से देश चलेगा. आपको Supreme Court पर भरोसा करना चाहिए. आप किसको मूर्ख बना रहे हैं?
उन्होंने कहा कि आपके शासन में इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ, तब कोई कुछ नहीं बोला. अब इसे साजिश के तहत मुद्दा बनाया जा रहा है. हां, नाम कटे हैं. क्या आप चाहते हैं कि उन लोगों के नाम न कटें जो मर गए, जो लापता हैं, जिनके नाम दो-दो, तीन-तीन जगह दर्ज हैं या जो India के नागरिक ही नहीं हैं.
गिरिराज सिंह ने कहा कि उनमें बांग्लादेशी घुसपैठिए, रोहिंग्या घुसपैठिए भी शामिल थे, जिनके वोट राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव लेते थे और उन्हें संरक्षण देते थे. उन्हीं वोटों को हटाया गया. पूरे देश में लगभग 13 करोड़ ऐसे नामों की बात हुई. 150 करोड़ की आबादी वाले देश में चुनाव आयोग ने कहा कि इनमें से कुछ करोड़ नाम विभिन्न श्रेणियों में आते हैं.
उन्होंने कहा कि जब आपसे नामों की सूची मांगी गई तो आपने बिहार में नहीं दी, दिल्ली में नहीं दी. अभी आप President को ज्ञापन देने की बात कर रहे हैं. लगभग पौने छह सौ घंटे हो चुके हैं लेकिन अभी तक President को कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया. इन लोगों पर तो खुद 420 का मुकदमा चलना चाहिए. पता नहीं मुझे यह शब्द बोलना चाहिए या नहीं, लेकिन जो देश में झूठा भ्रम फैलाए, President से शिकायत करे और फिर सबूत न दे, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए. हम जानते हैं कि झूठी बयानबाजी के लिए भी कानून में प्रावधान हैं.
Union Minister गिरिराज सिंह ने कहा कि ये लोग देश के विकास को रोकना चाहते हैं, आर्थिक नाकाबंदी करना चाहते हैं. India का नौजवान स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानता है. उसका आदर्श बांग्लादेश जैसी अराजक स्थिति नहीं हो सकती.
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पीएम
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