
तिरुवनंतपुरम, 9 अक्टूबर . सीएमआरएल-एक्सालॉजिक के वित्तीय लेन-देन मामले में First Information Report दर्ज करने के केरल हाई कोर्ट के आदेश से केरल में नया Political टकराव शुरू हो गया है. कांग्रेस के नेतृत्व वाली Government ने आदेश की समीक्षा करने का वादा किया है. वहीं, सीपीआईएम ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और भाजपा ने पूर्व Chief Minister पिनाराई विजयन के इस्तीफे की मांग की है.
कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए इस मामले में केरल Police की क्राइम ब्रांच की बनाई एसआईटी को रद्द कर दिया और विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो को First Information Report दर्ज करने का आदेश दिया.
Friday को फैसला आने के तुरंत बाद राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि Government आगे की कार्रवाई पर फैसला लेने से पहले कोर्ट के आदेश का अध्ययन करेगी. उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि यह फैसला Government के लिए कोई झटका है.
उन्होंने पूछा, “मैंने हाई कोर्ट का आदेश नहीं देखा है. जब यह आ जाएगा, तो हम इसे देखेंगे और जरूरी कार्रवाई करेंगे. क्या आदेश की डिटेल की जांच करना जरूरी नहीं है?”
चेन्निथला ने कहा कि जब Enforcement Directorate (ईडी) ने पहली बार कार्रवाई की मांग करते हुए अपना संदेश भेजा था, तो उन्होंने उसे राज्य Police प्रमुख को भेज दिया था, जिन्होंने शुरुआती जांच शुरू करने का फैसला लेने से पहले कानूनी राय ली थी.
उन्होंने कहा, “हमें जो राय मिली थी, वह शुरुआती जांच शुरू करने की थी और हमने वैसा ही किया. अब कोर्ट कुछ और कह रहा है. आदेश आने दीजिए और हम जरूरी कार्रवाई करेंगे.”
उन्होंने आगे कहा, “यह Government के लिए कोई झटका नहीं है. हमने कानूनी राय लेने के बाद कार्रवाई की थी और हम आगे भी ऐसा ही करेंगे.”
सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता और विजयन के करीबी सहयोगी एम.वी. जयराजन ने पूर्व Chief Minister या संबंधित अन्य लोगों की बात सुने बिना कोर्ट के निर्देश जारी करने के फैसले पर सवाल उठाए.
जयराजन ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि ईडी कैसे काम करती है. कोर्ट ने आदेश दिया है, लेकिन इसे जारी करने से पहले न तो विजयन और न ही किसी और की बात सुनी गई. इसलिए, प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन का सवाल उठता है.”
उन्होंने कहा कि सीपीआईएम इस मामले में कानूनी और Political, दोनों तरह से लड़ाई जारी रखेगी.
हालांकि, भाजपा के सीनियर विधायक और पूर्व Union Minister वी. मुरलीधरन ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद सीपीआई (एम) बेबुनियाद बातें फैलाएगी.
मुरलीधरन ने पूछा, “अगर सीपीआईएम को लगता है कि विजयन की बात नहीं सुनी गई, तो उन्होंने खुद को इस मामले में पक्षकार क्यों नहीं बनाया, जबकि वे ऐसा कर सकते थे?”
भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष शोन जॉर्ज ने कहा कि कोर्ट द्वारा First Information Report दर्ज करने का आदेश दिए जाने के बाद विजयन को विपक्ष के नेता के पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पिछली Government के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार और काले धन से जुड़े लेन-देन शामिल थे. जॉर्ज ने कहा कि अगर विजयन में थोड़ी भी नैतिक जिम्मेदारी का अहसास है, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए.
हाई कोर्ट के आदेश से राज्य के विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के लिए First Information Report दर्ज करने और सीएमआरएल, एक्सलॉजिक, विजयन, उनकी बेटी वीना, उनके पति और सीपीआईएम विधायक पी.ए. मोहम्मद रियास व अन्य से जुड़े आरोपों की जांच करने का रास्ता साफ हो गया है.
उम्मीद है कि इस आदेश से आरोपों और राज्य Government के अगले कदम को लेकर Political बहस और तेज हो जाएगी. सभी की नजरें Monday से शुरू हो रहे विधानसभा के नौ दिन के सत्र पर टिकी हैं, क्योंकि यह सत्ता पक्ष के लिए विजयन और लेफ्ट पर हमला करने का एक बड़ा हथियार साबित होगा.
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ओपी/एएस
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