
तिरुवनंतपुरम, 8 अक्टूबर . केरल में 15 से 31 अक्टूबर तक वोटर लिस्ट में सुधार और नए वोटरों के रजिस्ट्रेशन के लिए राज्य-स्तर पर एक स्पेशल ड्राइव चलाई जाएगी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. डी. साजित बाबू ने Thursday को यह घोषणा की. सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
इस ड्राइव के दौरान विलेज ऑफिस के आसपास फॉर्म बांटने वाले सेंटर और डिजिटल हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे. योग्य लोग फॉर्म 6 भरकर वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन सिटिजन सर्विस पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए ऑनलाइन भी किए जा सकते हैं.
आवेदकों को पहचान, उम्र और पते के सबूत के तौर पर एक मान्य दस्तावेज जमा करना होगा. जो लोग सबूत के तौर पर आधार कार्ड जमा करेंगे, उन्हें एक अतिरिक्त सहायक दस्तावेज भी देना होगा. आवेदन मिलने के बाद बूथ लेवल अधिकारी आगे की जांच-पड़ताल करेंगे.
वे अपने-अपने पोलिंग स्टेशन के दायरे में आने वाले घरों का दौरा करेंगे. चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को खास तौर पर वेरिफिकेशन (सत्यापन) का काम भी सौंपा गया है. वे 1 जनवरी, 2025 को लागू वोटर लिस्ट और विधानसभा चुनाव के बाद लागू हुई वोटर लिस्ट के बीच बड़े अंतरों की जांच करेंगे.
वे उन आवेदनों की भी जांच करेंगे जिन्हें ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) के दौरान वापस नहीं किया गया था. विधानसभा चुनाव के बाद जारी वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए गए आवेदनों की भी जांच की जाएगी. यह खास अभियान युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं पर भी ध्यान केंद्रित करेगा.
2 नवंबर से ‘कैंपस टू बूथ’ नाम का एक हफ्ते तक चलने वाला अभियान चलाया जाएगा. यह कैंपेन राज्य भर के कॉलेजों, हायर सेकेंडरी स्कूलों और अन्य स्कूलों में चलाया जाएगा. इसकी टैगलाइन होगी – ‘आगे बढ़ें, अपनी गिनती कराएं’.
जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि वे ज्यादा से ज्यादा छात्रों को वोटर अवेयरनेस गतिविधियों में शामिल करने के लिए कदम उठाएं. इस कैंपेन के लिए शिक्षण संस्थानों में बने ‘इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब’ (चुनावी साक्षरता क्लब) का इस्तेमाल किया जाएगा. यह पहल वोटर अवेयरनेस और योग्य छात्रों के एनरोलमेंट (पंजीकरण) पर केंद्रित होगी.
चुनाव आयोग वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) को अपडेट करने और यह पक्का करने के लिए कदम उठा रहा है कि योग्य वोटर उसमें शामिल हों. केरल में चलाए जा रहे इस अभियान से उन लोगों को अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन करने का एक और मौका मिलेगा, जिन्होंने अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है.
अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से वोटर लिस्ट में हुए बदलावों और एसआईआर प्रक्रिया के दौरान अधूरे रह गए आवेदनों की जांच करने को भी कहा है. उम्मीद है कि बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर किए जाने वाले वेरिफिकेशन से अधिकारियों को आवेदकों द्वारा दी गई जानकारी की जांच करने में मदद मिलेगी. यह खास अभियान केरल के सभी जिलों में चलाया जाएगा.
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एएसएच/डीकेपी
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