‘केरल में संघ के एजेंडे को थोपने की कोशिश’, लोकभवन में शाकाहारी रसोई वाले आदेश पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

New Delhi, 24 अक्टूबर . कांग्रेस पार्टी ने केरल के लोकभवन में शाकाहारी रसोई वाले आदेश पर सवाल उठाए हैं. पार्टी की राज्यसभा सांसद जेबी माथर ने कहा कि केरल में ‘संघ परिवार’ (आरएसएस) के एजेंडे को थोपने की कोशिश है, जिसे हम रोक देंगे.

सांसद जेबी माथर ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “हम क्या खाएं, किस धर्म का पालन करें, कौन सी भाषा बोलें, कैसे कपड़े पहनें, यह सब हर नागरिक की अपनी निजी राय और उसकी स्वतंत्रता का मामला है. हर किसी को यह तय करने की स्वतंत्रता है कि वह क्या खाएगा, क्या पहनेगा, क्या बोलेगा या किस धर्म को मानेगा.”

उन्होंने कहा, “लेकिन जब कोई व्यक्ति किसी उच्च संवैधानिक पद पर बैठा हो, तो इस तरह की शर्तें थोपना, जैसे ‘लोक भवन’ को पूरी तरह शाकाहारी बना देना, गलत है. अगर Governor शाकाहारी भोजन करना चाहते हैं, तो यह उनकी अपनी पसंद है. अगर कोई कुछ और खाना चाहता है, तो यह उसकी अपनी पसंद है.”

जेबी माथर ने कहा कि इस तरह की शर्तें थोपना असल में राज्य पर अपनी विचारधारा जबरदस्ती लागू करने की कोशिश है. यह एक खतरा है, और हमें इसे शुरुआत में ही कुचल देना चाहिए. केरल में ‘संघ परिवार’ के एजेंडे को थोपने की इस कोशिश को हम शुरू में ही रोक देंगे. इसीलिए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, अन्य नेता रमेश चेनिथला और यहां तक कि दूसरी पार्टियों के नेताओं ने भी, क्योंकि यह सिर्फ कांग्रेस की बात नहीं है, बल्कि अन्य पार्टियों की भी है, इस पर कड़ी आपत्ति जताई है.”

कांग्रेस सांसद ने कहा कि हम इसे शुरुआत में ही पूरी तरह से रोकना चाहते हैं. हम नहीं चाहते कि कोई भी केरल के समाज पर ‘संघ परिवार’ का एजेंडा थोपे.

वहीं, सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, “हम एक बड़ी समस्या को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं जो देश के लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली, खासकर चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता, को प्रभावित कर रही है. जब मुख्य चुनाव आयुक्त की ईमानदारी पर ही सवाल उठ रहे हों, तो ऐसे में हम उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. यह एक ऐसी लड़ाई है, जिसे हम लड़ रहे हैं.”

जेबी माथर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, इंडिया ब्लॉक और उन सभी विपक्षी दलों के साथ मिलकर काम कर रही है, जो मानते हैं कि हमारे लोकतंत्र की रक्षा की जानी चाहिए. इसके लिए हम लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और संवैधानिक तरीकों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं.

व्यापारिक संगठनों की राहुल गांधी से 1 नवंबर की रैली को दिवाली के बाद तक टालने की अपील पर कांग्रेस सांसद ने कहा, “अगर किसी को कोई चिंता है, तो उस पर भी ध्यान दिया जाएगा. ऐसा नहीं है कि ऐसी मांगों या चिंताओं को अनसुना कर दिया जाएगा. उन पर भी गौर किया जाएगा, लेकिन हमें इस पूरे मामले को एक व्यापक परिप्रेक्ष्य से देखने की जरूरत है.”

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डीसीएच/