
तिरुवनंतपुरम, 4 सितंबर . केरल में चुनावी सफलता से उत्साहित और 2026 के विधानसभा चुनावों में सीपीआई (एम) की करारी हार के बाद बड़े Political मौके को भांपते हुए, भाजपा ने अपनी केरल इकाई में जल्द ही संगठनात्मक बदलाव शुरू कर दिए हैं.
पार्टी ने राज्य को दो जोन में बांटा है और उत्तरी व दक्षिणी क्षेत्रों की जिम्मेदारी वरिष्ठ महासचिवों को सौंपी है.
पार्टी के भीतर इस कदम को 2029 के Lok Sabha चुनावों की लंबी अवधि की तैयारी के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और इसके विभिन्न फ्रंटल संगठनों व सेल्स के बीच समन्वय पर अधिक जोर दिया जा रहा है.
एमटी रमेश को उत्तरी जोन का प्रभारी नियुक्त किया गया है, जिसमें कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड, मलप्पुरम, त्रिशूर और पलक्कड़ शामिल हैं, जबकि एस. सुरेश दक्षिणी जोन की देखरेख करेंगे, जिसमें एर्नाकुलम, कोट्टायम, इडुक्की, अलाप्पुझा, पथानामथिट्टा, कोल्लम और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं.
शोभा सुरेंद्रन को राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभारी बनाया गया है. यह संगठनात्मक बदलाव चुनावी सफलताओं के सिलसिले के बाद हुआ है, जिसने केरल में भाजपा की स्थिति को बदल दिया है. 2026 के विधानसभा चुनावों में, पार्टी ने तीन सीटें दो तिरुवनंतपुरम जिले में और एक पड़ोसी कोल्लम में जीतकर Political पर्यवेक्षकों को चौंका दिया.
यह तब हुआ जब भाजपा 2021 के चुनावों में केरल में अपनी पहली विधानसभा सीट, नेमोम, को बरकरार रखने में विफल रही थी, जिसे उसने 2016 में जीता था.
केरल में राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की सफलता ने 2024 के Lok Sabha चुनावों के साथ गति पकड़नी शुरू की, जब Actor से राजनेता बने सुरेश गोपी ने त्रिशूर जीतकर इतिहास रचा और राज्य में भाजपा को अपनी पहली Lok Sabha सीट दिलाई.
भाजपा का अपनी संगठनात्मक मशीनरी को सक्रिय करने का निर्णय ऐसे समय में भी आया है जब सीपीआई(एम) 2026 के विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद केरल में अपने सबसे कठिन दौर का सामना कर रही है. हाल के समय में पहली बार, पार्टी लीडरशिप का खुला विरोध साफ तौर पर देखा जा रहा है. चुनावी हार के बावजूद पिनाराई विजयन का असर बने रहने को लेकर सीपीआई(एम) के अंदर ही सवाल उठ रहे हैं.
यह चुनौती खास तौर पर पार्टी के पारंपरिक गढ़ कन्नूर में देखने को मिली, जहां दो सीनियर नेताओं ने बागी के तौर पर 2026 के विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया और सीपीआई(एम) के आधिकारिक उम्मीदवारों को हराने में कामयाब रहे.
इन घटनाओं से पार्टी में मतभेद सामने आए हैं, जिन पर भाजपा की पैनी नजर है क्योंकि वह अपनी Political पकड़ मजबूत करना चाहती है. जोनल व्यवस्था के साथ-साथ, भाजपा ने अपने अलग-अलग मोर्चों, सेलों, मीडिया और social media विंग के लिए नए इंचार्ज और को-इंचार्ज नियुक्त किए हैं.
शॉन जॉर्ज को माइनॉरिटी मोर्चा, मीडिया और social media की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि अनूप एंटनी को स्टेट सेल इंचार्ज नियुक्त किया गया है. भाजपा लीडरशिप को उम्मीद है कि इन बदलावों से संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी आएगी, तालमेल बेहतर होगा और पार्टी अपने आने वाले Political कार्यक्रमों के लिए तैयार हो सकेगी. ये नियुक्तियां तुरंत लागू होंगी.
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एएसएच/डीएससी
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