केरल में ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़, कॉलेज गेस्ट लेक्चरर समेत चार आरोपी गिरफ्तार

मलप्पुरम, 18 सितंबर . केरल के मलप्पुरम जिले के निलंबूर और आसपास के इलाकों में छात्रों और युवाओं को प्रतिबंधित एमडीएमए और गांजा सप्लाई करने वाले ड्रग रैकेट के सिलसिले में एक कॉलेज गेस्ट लेक्चरर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

Police अब इस रैकेट के पीछे के बड़े नेटवर्क की जांच कर रही है. गिरफ्तार लोगों में मम्पद के एक कॉलेज के गेस्ट लेक्चरर पी. सुहैल के साथ-साथ रीना टीएन, विवेक विजयन और सुब्रह्मण्यन शामिल हैं.

निलंबूर Police की एक टीम ने सब-इंस्पेक्टर अर्शिद केएम की अगुवाई में ड्रग्स कारोबार की सूचना मिलने के बाद गिरफ्तारियां की. Police ने सबसे पहले सुब्रह्मण्यन को हिरासत में लिया और उसके पास से 0.4 ग्राम एमडीएमए और 0.5 ग्राम गांजा बरामद किया.

पूछताछ के दौरान, उसने नेटवर्क के बारे में जानकारी दी और जांचकर्ताओं को बताया कि वह सुहैल, विवेक और रीना को नियमित रूप से एमडीएमए सप्लाई कर रहा था. जानकारी के आधार पर Police ने आगे की कार्रवाई की और बाकी तीन लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया.

Police के मुताबिक, सुहैल अन्य आरोपियों के साथ मिलकर छात्रों और उनके परिचितों को सिंथेटिक ड्रग्स सप्लाई करता था. जांचकर्ता पता लगा रहे हैं कि क्या गेस्ट लेक्चरर के तौर पर उसकी नौकरी ने उसे उन छात्रों के बीच संपर्क बनाने में मदद की, जिन्हें नेटवर्क निशाना बना रहा था.

Police कार्रवाई से इलाके में चिंता फैल गई है, क्योंकि युवाओं को निशाना बनाने वाले ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क में एक लेक्चरर के तौर पर काम करने वाले व्यक्ति की कथित संलिप्तता सामने आई है.

वहीं, सुब्रह्मण्यन एक ब्यूटी पार्लर चला रहा था, जिसके बारे में Police को शक है कि उसका इस्तेमाल ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों के केंद्र के तौर पर किया जा रहा था. जांचकर्ता उस जगह और उसके संपर्कों की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या पार्लर का इस्तेमाल नशीले पदार्थों को रखने, बांटने या उनकी बिक्री में मदद करने के लिए किया जाता था.

Police के मुताबिक, विजयन को पहले भी ड्रग्स से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है. जांचकर्ता उसके पुराने मामले और पहले हुए अपराध तथा मौजूदा नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रहे हैं.

Police अब एमडीएमए और गांजे के स्रोत का पता लगाने और सप्लाई चेन में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच का दायरा बढ़ा रही है. जांच अधिकारी पता लगा रहे हैं कि क्या आरोपी के संबंध बाहर के सप्लायरों से थे और क्या ड्रग्स को एक संगठित नेटवर्क के जरिए इलाके में लाया जा रहा था.

एएसएच/एबीएम