
तिरुवनंतपुरम, 6 नवंबर . केरल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने Friday को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली में संविधान, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं, जबकि केरल में उनकी पार्टी की Political लाइन बिल्कुल अलग है.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर संवैधानिक मूल्यों, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और महिलाओं तथा युवाओं के अधिकारों के बारे में बात करते हैं, हालांकि केरल में कांग्रेस की Political व्यवस्था कुछ और ही कहानी बयां करती है.
चंद्रशेखर ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह एक तरफ तो धर्मनिरपेक्षता और संवैधानिक मूल्यों की वकालत करने का दावा करती है, लेकिन दूसरी तरफ केरल में जमात-ए-इस्लामी के साथ उसका खुला Political समझौता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि यह संगठन संविधान और धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों का विरोधी है. उन्होंने इसे बांग्लादेश में चल रही Political अस्थिरता से भी जोड़ा.
भाजपा नेता ने कांग्रेस की इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) पर निर्भरता पर भी सवाल उठाए. आईयूएमएल, यूडीएफ का एक प्रमुख सहयोगी दल है. चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि इसके कुछ मंत्रियों ने खुलेआम कहा है कि उनका एकमात्र Political उद्देश्य “धर्म, धर्म, धर्म” है.
राहुल गांधी द्वारा बार-बार India के युवाओं के भविष्य का जिक्र किए जाने पर निशाना साधते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि केरल में कांग्रेस ‘पीएम श्री’ शिक्षा योजना को लागू करने में विफल रही है. इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है.
उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षिक अवसर प्रदान करने वाले कार्यक्रम का समर्थन करने के बजाय कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव के आगे घुटने टेक दिए.
भाजपा नेता ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर यह आरोप भी लगाया कि केरल में उनके Political सहयोगियों द्वारा महिलाओं के अधिकारों को सीमित करने और उनकी स्वतंत्रता पर रोक लगाने की कोशिशों पर वे पूरी तरह चुप हैं.
उन्होंने केरल में मुस्लिम आरक्षण के लिए कांग्रेस के समर्थन पर भी सवाल उठाए और इसे असंवैधानिक करार दिया, जबकि दूसरी तरफ राहुल गांधी संवैधानिक सिद्धांतों की बातें करते रहे.
उन्होंने पूछा, “राहुल गांधी दिल्ली में एक तरह की बात करते हैं, जबकि केरल में उनकी पार्टी बिल्कुल अलग तरीके से काम करती है. इसे धोखे की राजनीति के अलावा और क्या कहा जा सकता है?”
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ओपी/
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