
New Delhi, 24 अक्टूबर . India में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ओएएम ने ऑस्ट्राहिंद सैन्य अभ्यास को द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया है. Saturday को वो अभ्यास स्थल पहुंचे और इसमें शामिल सैन्यकर्मियों से मुलाकात के बाद राय व्यक्त की.
social media प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें पोस्ट करते हुए फिलिप ने बताया, ” मैंने केरल में अभ्यास कर रहे 13वीं ब्रिगेड रेजिमेंट के 120 जवानों से मुलाकात की. मैं मानता हूं कि India और ऑस्ट्रेलिया की रणनीतिक साझेदारी के विस्तार के साथ दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंधों का महत्व और बढ़ गया है.”
उन्होंने अपने संदेश में सैन्य प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “लड़ने के लिए प्रशिक्षण, जीतने के लिए प्रशिक्षण.”
‘ऑस्ट्राहिंद’ India और ऑस्ट्रेलिया के बीच आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास है. इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग, आपसी तालमेल और संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता को बढ़ाना है.
India और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में व्यापक हुआ है. दोनों देश नियमित सैन्य अभ्यासों, रक्षा संवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सहयोग कर रहे हैं. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा परिदृश्य के बीच दोनों सेनाओं के बीच प्रशिक्षण और समन्वय को विशेष महत्व दिया जा रहा है.
भारतीय सेना और ऑस्ट्रेलियाई सेना के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद‘ का पांचवां संस्करण 19 अक्टूबर 2026 को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित ‘फॉरेन ट्रेनिंग नोड‘ में शुरू हुआ. रिपोर्ट के अनुसार, इसमें लगभग 240 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें दोनों देशों से लगभग 120-120 सैनिक शामिल हैं. यह अभ्यास 1 नवंबर 2026 को संपन्न होगा. इसमें India और ऑस्ट्रेलियाई सेना के लगभग 120-120 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं.
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता बढ़ाना है. इसके तहत दोनों देशों के सैनिक संयुक्त योजना बनाने, सामरिक गतिविधियों और युद्ध जैसी परिस्थितियों में अभियान चलाने का अभ्यास कर रहे हैं. प्रशिक्षण में हवाई और समुद्री आयामों को भी शामिल किया गया है, ताकि सैनिक अलग-अलग परिस्थितियों में बेहतर तालमेल के साथ काम कर सकें. अभ्यास में भारतीय सेना की टुकड़ी में गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों के साथ अन्य सैन्य शाखाओं और सेवाओं के कर्मी भी शामिल हैं.
वहीं, ऑस्ट्रेलियाई सेना की ओर से 13वीं ब्रिगेड के सैनिक इसमें भाग ले रहे हैं. यह सैन्य अभ्यास तिरुवनंतपुरम स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया जा रहा है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार इसका विषय द्वीपीय और तटीय वातावरण में उप-पारंपरिक सैन्य अभियान चलाना है. इसके माध्यम से दोनों सेनाएं अपनी रणनीतियों, तकनीकों और अभियान प्रक्रियाओं को साझा करेंगी. साथ ही, एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझकर संयुक्त रूप से अभियान चलाने की क्षमता विकसित करेंगी.
‘ऑस्ट्राहिंद-2026’ की एक खास बात यह है कि पहली बार न्यूजीलैंड का एक पर्यवेक्षक दल भी इसमें हिस्सा ले रहा है. इससे अभ्यास में एक नया आयाम जुड़ेगा. बता दें कि इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का चौथा संस्करण 13 से 26 अक्टूबर 2025 तक ऑस्ट्रेलिया के पर्थ स्थित इरविन बैरक्स में आयोजित किया गया था.
–
केआर/
Skip to content