
New Delhi, 5 नवंबर . भाजपा केरल अध्यक्ष और विधायक राजीव चंद्रशेखर के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने Thursday को President द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) के अध्यक्ष एमआर बैजू और अन्य सदस्यों को पद से हटाने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने उन पर भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितता, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप लगाए हैं.
प्रतिनिधिमंडल ने President से आग्रह किया कि वह केरल के पूर्व Governor राजेंद्र अर्लेकर द्वारा भेजी गई कथित सिफारिश पर कार्रवाई करें और संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत प्रक्रिया शुरू करें.
भाजपा नेताओं ने कहा कि आयोग के खिलाफ लगे आरोप गंभीर हैं और इनकी जांच पहले से ही अपराध शाखा की विशेष जांच टीम (एसआईटी) तथा केरल हाई कोर्ट की निगरानी में हो रही है.
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के आचरण की जांच के लिए मामले को Supreme Court भेजने की मांग भी की.
इस प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सदस्य सी. सदानंदन और पीटी उषा भी शामिल थीं. उन्होंने 13 जुलाई 2023 को केरल राज्य योजना बोर्ड के वरिष्ठ पदों की भर्ती परीक्षा को कथित हेरफेर का प्रमुख उदाहरण बताया.
पत्र के अनुसार, 228 उम्मीदवारों की उत्तर पुस्तिकाओं में 58 अंकों के 10 प्रश्नों का मूल्यांकन नहीं किया गया था. आरोप है कि इससे प्रथम रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार को लाभ पहुंचा.
भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि एसआईटी को पीएससी परीक्षाओं से जुड़ी 180 शिकायतें मिली हैं और जांच के लिए नौ परीक्षाओं की पहचान की गई है.
उन्होंने आरोप लगाया कि Political संरक्षण, पक्षपात और पिछला दरवाजा (बैकडोर) से की गई नियुक्तियों ने इस संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता को गंभीर नुकसान पहुंचाया है.
भाजपा नेताओं ने कहा कि लाखों नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थी सरकारी नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं, जबकि अनियमितताओं के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं.
प्रतिनिधिमंडल ने पीएससी सदस्यों को मिलने वाले बड़े वेतन और अन्य सुविधाओं पर भी सवाल उठाए.
संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत President लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए मामला Supreme Court को भेज सकती हैं. यदि Supreme Court अपनी रिपोर्ट में सदस्य को हटाने की सिफारिश करता है तो President उसे पद से हटा सकती हैं.
इस बीच नए Governor ओम प्रकाश माथुर ने भी अपने पूर्ववर्ती Governor द्वारा भेजे गए पत्र पर आगे कार्रवाई की है.
भाजपा प्रतिनिधिमंडल की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब योजना बोर्ड में नियुक्तियों की जांच के लिए गठित एसआईटी एक पीएससी अधिकारी और एक सेवानिवृत्त अधिकारी को गिरफ्तार कर चुकी है. साथ ही आयोग के अध्यक्ष से पूछताछ हो चुकी है और बाकी 15 सदस्यों से भी पूछताछ जारी है.
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एएमटी/डीकेपी
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