केरल पीएससी अनियमितताओं में युवाओं को मिलना चाहिए न्याय: भाजपा

तिरुवनंतपुरम, 29 अक्टूबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने Thursday को केरल के Governor से मुलाकात कर केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया.

Governor से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने पीएससी भर्ती घोटाले की गंभीरता से Governor को अवगत कराया और युवाओं को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया.

चंद्रशेखर ने बताया कि Governor ओम प्रकाश माथुर ने कहा है कि वह पीएससी मामले पर पूर्व Governor राजेंद्र अर्लेकर के रुख से सहमत हैं और युवाओं को राहत दिलाने वाला रुख अपनाएंगे.

बता दें कि तमिलनाडु के Governor पद से कार्यमुक्त होने से ठीक पहले अर्लेकर ने President द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर केरल पीएससी अध्यक्ष एमआर बैजू और आयोग के अन्य सदस्यों को हटाने की सिफारिश की थी. यह कार्रवाई केरल राज्य योजना बोर्ड की रैंक सूची में कथित घोटाले के सामने आने के बाद की गई थी.

Governor से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में भाजपा विधायक दल के नेता बीबी गोपाकुमार, भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और विधायक वी. मुरलीधरन, युवा मोर्चा प्रभारी अधिवक्ता पी. सुधीर और युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिजिल भी शामिल थे.

राजीव चंद्रशेखर ने Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देशभर में छात्रों और युवाओं की आवाज उठाने की बात करते हैं, लेकिन केरल में पीएससी की कथित अनियमितताओं और युवाओं के साथ हो रहे अन्याय पर चुप हैं.

उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेतृत्व छात्रों के अधिकारों की बात करता है तो उसे केरल के युवाओं की समस्याओं पर भी वही रुख अपनाना चाहिए.

चंद्रशेखर ने कहा कि जनता को कांग्रेस की इस कथित Political विरोधाभास को समझना चाहिए. उन्होंने पीएससी रैंकधारकों की शिकायतों का तत्काल समाधान करने और उनके भविष्य की रक्षा के लिए Government से हस्तक्षेप की मांग की.

उन्होंने कहा कि युवाओं को न्याय मिलने तक भाजपा इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी.

भाजपा विधायक बीबी गोपाकुमार ने आरोप लगाया कि Chief Minister वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली Government उन पीएससी रैंकधारकों की मांगों को पूरा करने में विफल रही है, जिन्होंने अपनी समस्याओं की ओर Government का ध्यान खींचने के लिए सिर मुंडवाकर प्रदर्शन किया था.

उन्होंने दावा किया कि Government करीब 150 दिनों तक इस मुद्दे पर उदासीन बनी रही और तब कार्रवाई की जब Governor ने संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत President को कार्रवाई की सिफारिश की.

गोपाकुमार ने कहा कि शुरुआत से ही भाजपा पीएससी में कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है.

भाजपा का यह कदम ऐसे समय सामने आया है जब योजना बोर्ड से जुड़े मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पीएससी अध्यक्ष डॉ. एमआर बैजू और तीन अन्य पीएससी सदस्यों से पूछताछ की है.

Wednesday को एसआईटी ने पीएससी के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को गिरफ्तार किया था. वहीं, एक अन्य कार्यरत कर्मचारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है.

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एएमटी/डीकेपी