
कोच्चि, 26 अक्टूबर . केरल के कोच्चि के चेरानेल्लूर में हुए भयंकर हादसे के आरोपी को जमानत मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने फैसले को मानने से इनकार कर दिया है. परिजनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. आरोपी 17 वर्षीय नाबालिग है और वह एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) का बेटा है.
Sunday शाम को उसे ‘स्टेशन बेल’ (Police थाने से मिलने वाली जमानत) पर रिहा किया गया था लेकिन चेरानेल्लूर Police स्टेशन के बाहर पीड़ित के परिवार और स्थानीय लोगों के विरोध-प्रदर्शन के बाद उसे फिर से हिरासत में ले लिया गया. इसके बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई.
किशोर को शुरू में ‘स्टेशन बेल’ पर रिहा करने के Police के फैसले पर अब सवाल उठ रहे हैं. इस रिहाई के बाद जनता में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने Police को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
कानून-व्यवस्था के प्रभारी अतिरिक्त Police महानिदेशक (एडीजीपी) को कथित चूक की जांच करने के लिए कहा गया है और कोच्चि शहर के Police आयुक्त कालीराज महेश कुमार को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया जाएगा.
यह हादसा Sunday तड़के 2:20 बजे कोच्चि के पास चेरानेल्लूर में कंटेनर रोड पर हुआ. आरोप है कि 17 वर्षीय किशोर मर्सिडीज-बेंज कार चला रहा था. मंजाली के रहने वाले 55 वर्षीय जयाबालकृष्णन के स्कूटर से कार टकरा गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
जयाबालकृष्णन चित्तूर मंदिर के पास सड़क किनारे एक छोटी सी खाने-पीने की दुकान चलाते थे और रात में दुकान बंद करके घर लौट रहे थे. जयाबालकृष्णन की मौत के बाद, उनकी पत्नी और तीन बच्चे अब बेसहारा हो गए हैं.
Police को किशोर के मोबाइल फोन से कुछ फुटेज मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर वह हादसे से पहले तेज रफ्तार में गाड़ी चलाता हुआ दिख रहा है. आरोप है कि किशोर देर रात तब कार लेकर बाहर निकल गया था, जब उसके माता-पिता सो रहे थे.
उसने Police को बताया कि सड़क पर पानी भरा हुआ था, जिससे बचकर निकलने की कोशिश में उसने कार से नियंत्रण खो दिया. Police हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है.
किशोर के पिता एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश हैं और कार के मालिक भी हैं. उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है क्योंकि उन्होंने अपने नाबालिग बेटे को बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने दी. Police मोटर वाहन अधिनियम और अन्य कानूनों की संबंधित धाराओं की जांच कर रही है. पीड़ित के रिश्तेदारों का आरोप है कि आरोपी के पारिवारिक बैकग्राउंड के बारे में पता चलने के बाद Police ने इस मामले को अलग तरह से देखा.
Police स्टेशन के बाहर विरोध-प्रदर्शन के दौरान मृतक जयाबालकृष्णन की बेटी बेहोश हो गई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया. जमानत मिलने के बाद इस मामले पर लोगों की नजर है और परिवार ने इसके लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
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एसडी/पीएम
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