केरलम में एक और एसआईटी का गठन, आखिर किन मामलों की जांच में जुटी है सतीशन सरकार?

तिरुवनंतपुरम, 1 सितंबर . केरलम में Chief Minister वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली यूडीएफ Government ने सत्ता संभालने के बाद पुराने और चर्चित मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाने का सिलसिला तेज कर दिया है.

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज से जुड़े कन्नूर रेलवे स्टेशन प्रकरण की जांच के लिए नई एसआईटी के गठन के साथ ही मई में Government बनने के बाद गठित हाई-प्रोफाइल एसआईटी की संख्या चार हो गई है.

पहली एसआईटी का गठन 18 मई को Government के शपथ ग्रहण के कुछ घंटों के भीतर ही किया गया था. इसका उद्देश्य 2023 में तत्कालीन Chief Minister पिनाराई विजयन के सुरक्षा कर्मियों द्वारा यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमले की जांच करना था. इस मामले की जांच के दौरान, वरिष्ठ Police अधिकारी एमआर अजित कुमार पर जांच में हस्तक्षेप के आरोप लगे और उन्हें निलंबित भी किया गया.

इसके बाद जुलाई में दूसरी एसआईटी गठित की गई, जिसने केरल लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच शुरू की.

तीसरी एसआईटी का गठन 31 अगस्त को किया गया. इसे फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना फुटबॉल टीम की प्रस्तावित केरलम यात्रा से जुड़े वित्तीय और अन्य कथित अनियमितताओं की जांच का जिम्मा सौंपा गया.

अब सबसे अधिक Political चर्चा कन्नूर रेलवे स्टेशन मामले को लेकर हो रही है. यह घटना 25 फरवरी को हुई थी, जब विधानसभा चुनावों से पहले केएसयू कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के खिलाफ काला झंडा दिखाकर प्रदर्शन किया था. इस दौरान पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था. Police ने मामला दर्ज करते हुए आरोप लगाया था कि वीना जॉर्ज पर हथियार से हमला किया गया और उनकी गर्दन पर गंभीर चोट पहुंची.

हालांकि, यह मामला जल्द ही Political विवाद का विषय बन गया. विपक्ष ने आरोपों पर सवाल उठाए और उस समय विपक्ष के नेता रहे वीडी सतीशन ने इसे Political नाटक बताते हुए कहा था कि कथित हमले के समर्थन में cctv फुटेज मौजूद नहीं है.

बाद में विधानसभा चुनाव में Political परिदृश्य बदल गया. वीना जॉर्ज चुनाव हार गईं और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को बड़ी हार का सामना करना पड़ा. अब वही मामला नई Government द्वारा गठित एसआईटी के जरिए फिर जांच के दायरे में आ गया है.

एसआईटी इस मामले की शुरुआत से दोबारा जांच करेगी. टीम रेलवे स्टेशन के cctv फुटेज की समीक्षा करेगी, मौके पर मौजूद Police अधिकारियों और मामले की जांच करने वाले अफसरों से पूछताछ करेगी तथा यह भी देखेगी कि गंभीर धाराएं किन आधारों पर लगाई गई थीं. वीना जॉर्ज और उनके सुरक्षाकर्मी के बयान भी दर्ज किए जाएंगे.

इस जांच से उस सवाल का जवाब मिलने की उम्मीद है, जो फरवरी से चर्चा में है कि क्या कन्नूर रेलवे स्टेशन पर हुई घटना को लेकर दर्ज किया गया Police मामला वास्तविक तथ्यों पर आधारित था, या फिर सबूतों की तुलना में आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था? फिलहाल सतीशन Government ने अतीत के इन विवादित मामलों को फिर से जांच के दायरे में ला दिया है.

एएमटी/डीकेपी